अंबुज मिश्र, शाहजहापुर : सरहद पर सियाचिन जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों को अब बर्फीली हवा नहीं सताएगी। एशिया की सबसे बड़ी आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) ने जवानों को मौसम की मार से बचाने के लिए 'एक्स्ट्रीम कोल्ड विंटर क्लोथिंग सिस्टम' (ईसीडब्ल्यूसीएस) तैयार किया है। यह विशेष ड्रेस पहनने पर जवान माइनस 50 डिग्री में भी ठंड से बेअसर और मुस्तैद रह सकेंगे।

लखनऊ में पिछले दिनों हुए डिफेंस एक्सपो में यह ड्रेस लोगों के सामने लाई गई थी। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) ने ट्रायल में इसके सैंपल को हरी झडी दे दी है। एप्रूवल के लिए अब इसे सेना को भी भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर इसकी सप्लाई शुरू हो जाएगी। ईसीडब्ल्यूसीएस के डिजाइन से लेकर इसको पूरी तरह से तैयार करने का काम आयुध वस्त्र निर्माणी शाहजहापुर ने किया है। इसमें स्वदेशी ब्रीदवल फैब्रिक मैटीरियल का प्रयोग किया गया है।

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माइनस तापमान की चुनौती

सेना के जवानों के सामने सबसे बड़ी समस्या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होती है। सरहद की रक्षा के लिए उन्हें यहां दुश्मनों के साथ सर्दी से भी जूझना पड़ता है। सियाचिन जैसे माइनस तापमान वाले क्षेत्रों में हवा और बर्फ दिक्कत खड़ी करती है। इनसे बचाव के लिए मौजूदा समय में सेना को निजी क्षेत्र से ड्रेस लेनी पड़ रही है।

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2013 से चल रहा कार्य

आयुध वस्त्र निर्माणी ने इस ड्रेस के लिए 30 अप्रैल 2013 को काम शुरू किया था। थर्मल इंसुलेटेड सिस्टम की तीन लेयर की इस ड्रेस को तीन साइज में उतारा गया है। जो मीडियम, बड़े व अतिरिक्त बड़े होंगे।

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ड्रेस की खासियत

- 18 हजार फीट की ऊंचाई पर भी कारगर होगी ड्रेस।

- माइनस 50 डिग्री तापमान में भी करेगी ठंड से बचाव।

- 40 किलोमीटर प्रति घटा रफ्तार की हवा का नहीं होगा असर।

- 4.4 किग्रा है मात्र इस पूरी ड्रेस का वजन, जो हल्का है।

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हर लेयर का अलग काम

- पहली इनर लेयर शरीर का तापमान नियंत्रित कर नमी को पसीने के रूप में बाहर निकालती है। यह शरीर को अंदर से सूखा रखती है। यह कंफर्ट लेयर कहलाती है।

- दूसरी मिडिल लेयर शरीर की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देती और यह जवान के शरीर को सर्दी में गर्म रखती है। यह लेयर इंसुलेशन लेयर कहलाती है।

- तीसरी आउटर लेयर बर्फबारी, पानी व तेज गति की हवा से बचाती है। इस पर सर्दी का कोई असर नहीं होता है। सबसे बाहरी इस लेयर को प्रोटेक्शन लेयर कहते हैं।

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ईसीडब्ल्यूसीएस हमारा महत्वपूर्ण उत्पाद है, जिसे हमने काफी समय में तैयार किया है। यह जवानों को माइनस 50 डिग्री तापमान में ठंड से बचाने में पूरी तरह से कारगर है। अभी इस तरह की ड्रेस निजी क्षेत्र से लेनी पड़ रही है। हमने इसमें पूरी तरह से स्वदेशी मैटेरियल का प्रयोग किया है। हमें सेना से एप्रूवल मिलने का इंतजार है।

अनुराग यादव, कार्य प्रबंधक, पीआरओ ओसीएफ

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