जेएनएन, शाहजहांपुर : बारिश से किसानों के अरमानों पर वज्रपात हुआ है। जनपद में 12 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 244.5 मिलीमीटर बारिश होने से धान समेत खरीफ की फसलें डूब गई हैं। किसानों को काटने के बाद अब धान को पानी से निकालकर सूखे में जमा करना पड़ रहा है। धान में अंकुरण होने लगा है। आलू की फसल को बचाने के लिए किसान जल निकासी के लिए खेतों में जेसीबी से गड्ढा खुदवा रहे हैं। लगातार भारी बारिश से जिले में बड़ी संख्या में मकान गिर गए है। सरकारी दफ्तरों और घरों में पानी घुस गया है। निगोही में 33 केवी बिजली घर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। कई अन्य क्षेत्रों की भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। पुवायां, बंडा में अभी बारिश थमी नहीं है। मौसम विज्ञानियों ने बंडा, भावलखेड़ा, मदनापुर को छोड़ शेष क्षेत्रों में बुधवार से मौसम साफ हो जाने की संभावना जताई है। सोमवार शाम बूंदाबांदी के साथ शुरू बारिश ने रात 9 बजे बाद मूसलधार रूप ले लिया। जलालाबाद, जैतीपुर क्षेत्र में अब तक के इतिहास में दशकों के रिकार्ड तोड़ 12 घंटे के भीतर 244.5 मिमी बारिश का आंकड़ा दर्ज हुआ है। जो आजादी के बाद विभागों में दर्ज आंकड़ों में सर्वाधिक है। शहर तथा भावलखेड़ा क्षेत्र में भी 12 घंटे के भीतर 115 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है। निगोही, बंडा, पुवायां में 12 घंटे में 130 से 140 मिमी के करीब बारिश हुई है। अगले चौबीस घंटे में 30 से 40 मिमी तक और बारिश की संभावना जताई गई है। धान की फसल को 50 फीसद, आलू सरसों को 70 फीसद तक नुकसान

खेत में खड़ी व कटी फसल के डूब जाने से किसानों को 50 से 60 फीसद तक का नुकसान हुआ है। आलू के खेत में पानी भर जाने से बीज के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

फसल क्षति आंकलन को समिति गठित

भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान आंकलन के लिए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने फसल क्षति आंकलन को समिति गठित की कर दी है। टीम में राजस्व विभाग, कृषि विभाग के कार्मिकों को शामिल किया गया है। बीमा कंपनी के भी कर्मचारी भी साथ रहेंगे। ग्राम पंचायतवार सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

बड़ी संख्या में घर व पेड़ गिरे

तिलहर, जलालाबाद, जैतीपुर, निगोही, कलान समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के घर गिर गए है। पेड़ गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ है।

फसल नुकसान सर्वे के लिए टीमें गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने पर किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रशासन पीड़ित किसानों की हर संभव मदद करेगा।

इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी

Edited By: Jagran