गंगा एक्सप्रेसवे पर गहराया हादसों का साया: 24 घंटे में 5 की मौत, यूपीडा की पेट्रोलिंग पर उठे सवाल
गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों में 24 घंटे के भीतर 5 लोगों की मौत हो गई है। ...और पढ़ें

जलालाबाद से होकर निकलता गंगा एक्सप्रेसवे। जागरण
HighLights
वाहन चालकों की अनियंत्रित गति व नियमों की अनदेखी बन रही बड़ा कारण
संवाद सहयोगी, जलालाबाद (अमरोहा)। गंगा एक्सप्रेस वे पर हादसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनियंत्रित गति और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लोगों की जान जा रही है। हादसों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के बजाय यूपीडा और पुलिस की पेट्रोलिंग के दावे ही सामने आ रहे हैं।
बुधवार को एक्सप्रेस वे पर 24 घंटे के भीतर हुए अलग-अलग हादसों में पिता-पुत्री समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इससे पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
अब तक हुई दुर्घटनाओं में अधिकांश की वजह बेसहारा गोवंशी पशु रहे हैं। खराब वाहन और चालक को अचानक झपकी आने से भी हादसे हुए हैं। गति पर नियंत्रण न होना भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है।

जिले में गंगा एक्सप्रेस वे का 44 किमी हिस्सा तिलहर, सदर और जलालाबाद तहसील क्षेत्रों से होकर गुजरता है। बदायूं से हरदोई के बीच इस इलाके में पीरू गांव के पास हवाई पट्टी भी बनाई गई है।
जलालाबाद में इंटरचेंज से वाहनों के उतरने और चढ़ने की सुविधा है। इसके बावजूद रिटेनिंग वाल क्षतिग्रस्त होने से अक्सर पशु एक्सप्रेस वे पर पहुंच जाते हैं और वाहनों से टकरा जाते हैं।
अप्रैल में एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के बाद से अब तक अलग-अलग हादसों में 45 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर एक पीआरवी 24 घंटे तैनात रहती है।
इसमें शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर पेट्रोलिंग कराई जाती है, ताकि वाहन चालकों को सचेत किया जा सके। यूपीडा के अवर अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर छह पेट्रोलिंग टीमें तैनात हैं। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर ये टीमें तत्काल मदद पहुंचाती हैं।
