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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्लीनस्वीप के लिए भाजपा लगा रही जोर, दिकटों के लिए लग रहीं कतार

By JagranEdited By:
Published: Sat, 27 Nov 2021 12:21 AM (IST)

2017 के विधानसभा चुनाव में स्वर्णिम प्रदर्शन करने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार जिले में क्लीनस्वीप करने की तैयारी ...और पढ़ें

क्लीनस्वीप के लिए भाजपा लगा रही जोर, दिकटों के लिए लग रहीं कतार
क्लीनस्वीप के लिए भाजपा लगा रही जोर, दिकटों के लिए लग रहीं कतार

जेएनएन, शाहजहांपुर : 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वर्णिम प्रदर्शन करने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार जिले में क्लीनस्वीप करने की तैयारी में है। इसके लिए तैयारी भी तेज कर दी गई है। इस बार सभी का लक्ष्य जिले की सभी छह की छह सीटें जीतने का है। हालांकि शहर सीट को छोड़ दें तो अन्य दलों की तरह यहां भी इस बार तमाम दावेदार हैं। कोई खुले रूप से मैदान में उतरकर जनसंपर्क कर रहा है तो कोई अंदरखाने अपनी गोटें सेट करने में जुटा है, लेकिन पार्टी हाईकमान ने इस बार वर्तमान विधायकों वाली सीट पर फिलहाल कोई भी आवेदन न लेने का निर्णय लिया है। यही कारण है कि सिर्फ जलालाबाद सीट पर ही दावेदारों के आवेदन लिए गए हैं। यहां अब तक 17 लोगों ने टिकट अपना दावा किया है। संगठन भी इस बार किसी तरह की चूक नहीं होने देना चाहता। 2017 के बाद लोकसभा, शिक्षक विधायक व पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन से उत्साहित पार्टी पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां दे दी गई हैं। मंडल से लेकर प्रांत स्तर तक मानीटरिग हो रही है। इस बार जीत का रास्ता वोटर लिस्ट के पन्ने से तय होगा, लेकिन बूथ त्रिदेव भी अहम भूमिका में होंगे। पन्ना प्रमुखों को एक-एक मतदाता से संपर्क साधने, योजनाओं के लाभार्थियों से बात करने के लिए कहा गया है। बूथ त्रिदेव में शामिल बूथ अध्यक्ष, बीएलए टू व बूथ प्रभारी को अपना-अपना बूथ जितवाने, वर्ग वार सम्मेलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। 2017 के चुनाव में जिले की छह में से पांच सीट भाजपा की झोली में गईं थीं जो अब तक पार्टी का सबसे बेहतर प्रदर्शन था। जलालाबाद सीट पर भाजपा को हार मिली थी, जबकि एमएलसी की सीट सपा के पास है। इस बार जलालाबाद सीट पर ही फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां सभा कर चुके हैं। क्षेत्र को गंगा एक्सप्रेस वे की सौगात मिल चुकी है, जिसका दिसंबर में प्रधानमंत्री शिलान्यास करने आ सकते हैं। भाजपा की बात करें तो इस समय न सिर्फ मंडल बल्कि प्रदेश में पार्टी की जिले में स्थिति मजबूत है। सुरेश कुमार खन्ना व नामित एमएलसी जितिन प्रसाद सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार व सुरेंद्र बाल्मीकि दर्जा राज्यमंत्री हैं। नवेंदु सिंह अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैं। बृज व प्रांत स्तर पर संगठन में विभिन्न पदों पर पार्टी नेताओं के पास अहम जिम्मेदारी हैं। पदाधिकारी से लेकर कार्यकर्ता तक प्रतिदिन काम कर रहे हैं। मानीटरिग भी हो रही है। सम्मेलन हो रहे हैं। नए मतदाताओं के वोट बढ़वाने का काम हो रहा है। जहां तक दावेदारी की बात है तो हर कार्यकर्ता की अपनी राजीनीतिक महत्वकांक्षा होती है। सभी का संवैधानिक अधिकार भी है कि वह अपनी बात रख सकें, लेकिन हम वर्तमान विधायकों वाली सीट पर कोई आवेदन नहीं ले रहे हैं। अगर भविष्य में इस संबंध में कोई निर्णय आता है तो विचार किया जाएगा। हालांकि चर्चा सभी से होगी। निर्णय हाईकमान लेगा कि वह टिकट बराकरार रखेगा या बदलेगा।

हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा