जेएनएन, शाहजहांपुर : रथ और आकर्षक सिंहासन पर आसीन देव स्वरूपों की झांकियों के आगे पीछे बैंडबाजा व डीजे पर थिरकते युवा। छतों व सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा कर स्वागत करते हजारों श्रद्धालु, सड़क किनारे सजी दुकानों से खरीदारी करते महिला पुरुष और बच्चे.. रविवार सुबह का यह नजारा था राजगद्दी शोभायात्रा के चौक क्षेत्र का। लेकिन जैसे ही राम भरत मिलाप की बेला आई, श्रद्धा व आस्था की लहरें ठहर सी गई। हजारों आंखे राम भरत मिलाप के ²श्य के ठिठक गई। सवा सात बजे के करीब जब राम और भरत परस्पर को एक दूसरे को देखकर दौड़कर गले मिले, लोगों की आंखे भर आयी। लक्ष्मण और शत्रुघन भी गले मिले। चारों भाइयों के असीम प्यार के सुखद पलों को लोगों ने मोबाइल में कैद किया। मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने राम समेत सभी की आरती उतारकर पूजन किया। इसके बाद श्रीराम राज्याभिषेक की परंपरा निभाई।

खिरनी बाग रामलीला मैदान से शनिवार शाम उठी श्रीराम राज्याभिषेक राजगद्दी शोभायात्रा आधी रात बाद चौक पहुंची। यहां देव स्वरुपों में सजे कलाकार प्रमोद चंद सेठ व सुबोध चंद्र सेठ के घर गए। नंगूलाल मंदिर के सामने राम भरत मिलाप तथा मंदिर परिसर में पूजा अर्चना हुई। राम भरत मिलाप के बाद स्वरूपों को श्रद्धालु रथ से खींचकर मठिया मंदिर ले गए। यहां श्रद्धालुओं ने स्वरूपों का पूजन अर्चन किया। कूंचालाला, खजांजी बाग, उदासीन संगत के बाद राजगद्दी शोभायात्रा चौक होते हुई दलेलगंज स्थित रामजानकी मंदिर पहुंची। यहां ओमदेव गुप्ता ने पूजा अर्चना कर शोभायात्रा का विसर्जन किया। इस अवसर पर निर्भय चंद्र सेठ, सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष सुरेंद्र वाल्मीकि, अजय प्रताप सिंह यादव, विनोद अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह सेठ, चंद्र शेखर खन्ना, अनूप गुप्ता, मनोज पटेल, अनिल शर्मा, नीरज वाजपेयी, नरेंद्र मिश्रा गुरु आदि मौजूद रहे। लिल्ली घोड़ी व झांकियों संग सेल्फी रही होड़

राजगद्दी शोभायात्रा में झांकियों के अलावा लिल्लीघोड़ी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मोरपंखों से सुसजज्जित लिल्ली घोड़ी के साथ लोगों ने सेल्फी ली। एटा की आकर्षक झांकियां व राधा कृष्ण नृत्य भी श्रद्धा केंद्र रहा।

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