शाहजहांपुर (जेएनएन)। जिस वक्त देश विदेश की मीडिया की निगाहें जोधपुर कोर्ट के फैसले पर लगी थीं, तब बहादुर बेटी अपनी करियर की उड़ान के लिए परीक्षा दे रही थी। पेपर खत्म होने पर उसके साथ गए भाई ने उसे आसाराम को उम्र कैद की सजा समेत फैसले की जानकारी दी तो उसकी आंखें भर आईं। भीड़ की निगाहों से बचकर घर पहुंची। सबसे पहले पापा को थैंक्स बोला और... मां के आंचल से लिपट कर रो पड़ी। जवाब में पिता का भी दुलार मिला। उन्होंने सिर पर हाथ फेरा। हिम्मत बढ़ाई। यह कहते हुए कि बेटी तू बहुत बहादुर है, तेरी हिम्मत से ही विजय मिली। दैनिक जागरण से बातचीत में पीडि़ता ने जागरण को थैंक्स कहा। बोली-मीडिया में खासकर दैनिक जागरण ने बहुत हिम्मत बढ़ाई। पापा को टूटने नहीं दिया। 

घर पर मीडिया का जमावड़ा

बुधवार दोपहर 40 डिग्री तापमान के बीच पूरे देश का मीडिया पीडि़ता के घर पर जुटा था। हर कोई उससे बात करना चाहता था लेकिन, वह घर में ही मौजूद नहीं थी। न्याय की लड़ाई जीतने के साथ ही अपने सुनहरे भविष्य के लिए बीए की परीक्षा देने गई हुई थी। 

अर्से बाद चेहरे पर दिखी खुशी

बिटिया के चेहरे पर 25 अप्रैल का सूरज खुशी का पैगाम लेकर आया। परीक्षा से लौटकर काफी देर तक परिजनों के साथ खामोश बैठी रही। कुछ नहीं बोली। जागरण के कुरेदने पर चेहरे के भाव बदले। सुकून दिखा। कैसा लग रहा है? क्या कहेंगी फैसले पर? तब मुंह से यही निकला, थैंक्स और इससे ज्यादा क्या कहूं। सभी का बहुत सहयोग रहा। धन्यवाद..।

Posted By: Nawal Mishra