संतकबीर नगर, जागरण संवाददाता। दिव्यांग पेंशनरों के आधार प्रमाणीकरण में जिला गोरखपुर जोन के सात जिलों में नंबर वन पर है। वहीं प्रदेश के 75 जिलों में संतकबीर नगर को सातवीं रैंक मिली है। इस जनपद को छोड़कर गोरखपुर के बाकी छह जिले टाप टेन की सूची में नहीं है। डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बेहतर प्रदर्शन पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को बधाई दी है।

ऐसे उठा सकते हैं योजना का लाभ

सरकार दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना चल रही है। इससे लाभान्वित होने के लिए ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की कार्यवाही रजिस्टर की छाया प्रतिलिपि होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 46 हजार 80 रुपये व शहरी क्षेत्र में रहने वाले दिव्यांग व्यक्ति की सालाना आय 56 हजार 460 रुपये होनी चाहिए। इससे संबंधित तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, 40 प्रतिशत से अधिक का दिव्यांग प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल में 18 साल या इससे अधिक उम्र होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक काे आधार कार्ड, बैंक पासबुक व निवास प्रमाण पत्र की छाया प्रतिलिपि के साथ आवेदन करना होता है।

पात्रता के मानक पर खरा उतरने पर मिलता है पेंशन

आवेदन की जांच में पात्र मिलने पर प्रत्येक दिव्यांग को प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन के हिसाब से तीन हजार रुपये त्रैमासिक व चार किस्त में प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये पेंशन राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इस जनपद में 7144 दिव्यांगों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। शासन के निर्देश पर इन लाभार्थियों के आधार का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। अब तक इस जिले में 7144 में से 4857(67.99 प्रतिशत) दिव्यांगों के आधार का प्रमाणीकरण हो पाया है, वहीं 2287(32.01 प्रतिशत)का नहीं हो पाया है।

गोरखपुर जोन के सात जिलों की यह है स्थिति

जनपद : रैंक : पेंशनर : प्रमाणित : प्रतिशत में

संतकबीर नगर : 07 : 7144 : 4857 : 67.99

महराजगंज : 41 :14747 : 8081 : 54.80

सिद्धार्थनगर : 44 :13351 : 7216 : 54.05

कुशीनगर : 46 :15744 : 8448 : 53.66

देवरिया : 51 :18967 : 10069 : 53.09

बस्ती : 56 :12322 : 6443 : 52.29

गोरखपुर : 71 : 27175 : 12876 : 47.38

दिव्यांग पेंशनरों के आधार प्रमाणीकरण का कार्य जारी है। संपर्क करके पेंशनरों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रगति में और सुधार करके प्रदेश में नंबर वन आने की कोशिश में लगी हूं। - प्रियंका यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी।

Edited By: Pradeep Srivastava