संतकबीर नगर में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा के अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात
संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के अवैध मदरसे पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। कानूनी लड़ाई हारने के ...और पढ़ें
HighLights
ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा के मदरसे पर बुलडोजर चला।
अवैध निर्माण और विदेशी फंडिंग के आरोप थे मदरसे पर।
कानूनी लड़ाई में मौलाना को मिली हार, भवन ध्वस्त।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। आखिरकार ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे पर बुलडोजर चल ही गया। रविवार को सुबह दस बजे पहले मदरसे के चारो तरफ पुलिस का घेरा बनाया गया। इसके बाद गरजते हुए दो बुलडोजर मौके पर पहुंचे।
बुलडोर का मुंह जैसे ही मदरसा भवन की तरफ बढ़ा कुछ पल के लिए आसपास के लोगों की सांसे ठहर गईं। किसी को विश्वास नहीं हाे रहा था उनकी आंखों के सामने ही बना देखते ही देखते बना दोमंजिला भवन ढह जाएगा।
बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान एसडीएम खलीलाबाद हृदयराम तिवारी, एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार और कोतवाली थाने से बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
खलीलाबाद के गोश्तमंडी स्थित मदरसा भवन को बचाने की कानूनी लड़ाई लड़ रहे ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमसुल हुदा खान को बड़ा झटका लगा है। मदरसा ध्वस्तीकरण के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका एक दिन पूर्व मंडलायुक्त ने भी खारिज कर दिया।
इससे पहले जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए मदरसा भवन के ध्वस्तीकरण आदेश को सही ठहराया था। प्रशासन पहले ही मदरसा भवन को सील कर संबंधित भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित कर चुका था।

मदरसे को ध्वस्त करने में लगे बुलडोजर। जागरण
मदरसे की मान्यता निलंबित होने के बाद एसडीएम कोर्ट ने भवन ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके विरुद्ध मौलाना की ओर से जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपील दायर की गई थी। कोर्ट ने लंबी बहस के बाद तथ्याें के आधार पर इसे खारिज कर दिया। एसडीएम के आदेश पर स्थगन आदेश देने संबंधी प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने पूर्व में ही निरस्त कर दिया था।
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संतकबीर नगर के ही रहने वाले हैं ब्रिटिश मौलाना
दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी शमसुल हुदा खान आजमगढ़ के एक मदरसे में शिक्षक के रूप में कार्यरत था, जहां से वह मौलाना बना। जांच में सामने आया कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में वह विदेश यात्राएं करता रहा। इंग्लैंड में बसने के बाद वर्ष 2013 में उसने ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त कर ली।
आरोप है कि एक एनजीओ के माध्यम से विदेशों से धन जुटाकर उसने वर्ष 2017 और 2018 में संतकबीर नगर में पत्नी, बेटे और अन्य रिश्तेदारों के नाम जमीनें खरीदीं और खलीलाबाद के गोश्तमंडी क्षेत्र में भवन बनाकर मदरसे की मान्यता हासिल कर ली।
खलीलाबाद के गोश्त मंडी स्थित मौलाना शमसुल हुदा के ‘कुल्लियातुल बनातिर रजविया (निस्वा)’ मदरसे का संचालन बंद कराए जाने और भूमि राज्य सरकार में निहित किए जाने के बाद एसडीएम कोर्ट ने भवन ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया था। इसके विरुद्ध मौलाना की ओर से जिला मजिस्ट्रेट फिर मंडलायुक्त कोर्ट में अपील की गई। दोनों कोर्ट ने एसडीएम कोर्ट के आदेश को सही ठहराया। इसक्रम में मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करा दी गई है।
