संत कबीरनगर में गारंटी पीरियड से पहले ही उखड़ गई PMGSY की सड़क, ठेकेदार के खिलाफ भड़की जनता
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4.48 करोड़ रुपये की लागत से बनी महुली-सिसवनिया सड़क गारंटी अवधि समाप्त होने से छह माह पहले ही जर्जर हो गई है।

अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है।
HighLights
महुली-सिसवनिया सड़क गारंटी अवधि से पहले ही जर्जर।
4.48 करोड़ की लागत से बनी सड़क की बदहाली।
ग्रामीणों ने खराब गुणवत्ता और मरम्मत पर जताया आक्रोश।
संवाद सूत्र, महुली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी महुली-सिसवनिया सड़क बदहाली का शिकार हो गई है। करीब 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनी यह सड़क पांच वर्ष की गारंटी अवधि पूरी होने से छह माह पहले ही कई स्थानों पर टूटकर उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और राहगीरों को परेशानी हो रही है। सड़क की हालत को लेकर ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति आक्रोश है।
महुली-सिसवनिया मार्ग का निर्माण 5 मई 2022 को क्षेत्रीय जनता की मांग पर कराया गया था। क्षेत्रीय विधायक गणेश चंद्र चौहान ने इसके लिए शासन को पत्र लिखकर सड़क निर्माण का अनुरोध किया था। निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत मडहा के ग्रामीण शिवनाथ, हरिश्चंद्र, जगजीवन और घनश्याम ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया था। उन्होंने अधिशासी अभियंता से शिकायत भी की थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही जोखतापुर, महुली और मडहा के पास सड़क टूटने लगी थी।
विभाग ने उस समय मरम्मत कराई। पिछले वर्ष भी इन्हीं स्थानों के आसपास सड़क क्षतिग्रस्त हुई और उसकी मरम्मत की गई। इसके बावजूद पिछले एक वर्ष से सड़क कई जगह पर टूट चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार मरम्मत कराने में आनाकानी कर रहा है। सड़क की गारंटी अवधि 5 मई 2027 तक है। ग्रामीणों का कहना है कि अवधि समाप्त होने में अभी छह माह से अधिक समय बाकी है, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही। उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने, निर्माण गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना नाथनगर-काली जगदीशपुर मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। करीब 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह सड़क टूट गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गारंटी अवधि समाप्त होने के बाद ठेकेदार और विभाग ने इसकी सुधि लेना बंद कर दिया। दोनों सड़कों की बदहाली से ग्रामीणों और राहगीरों में आक्रोश है।