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संतकबीरनगर में PM आवास योजना की जांच में लापरवाही पर डूडा सख्त, अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:49 PM (GMT+05:30)

संतकबीरनगर में डूडा ने पीएम आवास योजना के 24 हजार से अधिक लंबित आवेदनों की पात्रता जांच में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

HighLights

  1. डूडा ने पीएम आवास योजना जांच में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया।

  2. संतकबीरनगर में 24 हजार से अधिक पीएम आवास आवेदन लंबित।

  3. जांच पूरी न होने पर अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्राप्त आवेदनों की पात्रता जांच में लापरवाही पर जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में 24 हजार से अधिक आवेदन लंबित होने पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और परियोजना निदेशक डूडा ने सभी उपजिलाधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को वेतन आहरण पर रोक लगाने की चेतावनी दी है।

इस संबंध में 17 अक्टूबर को तीसरा अनुस्मारक पत्र जारी किया गया है। संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पात्रता जांच पूरी कर प्रमाणपत्र डूडा कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

जारी पत्र के अनुसार, योजना के तहत प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के लिए 13 फरवरी, 2025 को कमेटी गठित की गई थी। इसके बाद 15 फरवरी से आठ जुलाई, 2026 तक पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की पात्रता जांच कर रिपोर्ट मांगी गई थी।

पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इस पर तत्कालीन अपर जिलाधिकारी की ओर से 20 अप्रैल को पहला अनुस्मारक भेजा गया। इसके बाद 20 जुलाई को दोबारा पत्र जारी किया गया, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर अब तीसरा अनुस्मारक जारी करना पड़ा है।

खलीलाबाद तहसील में सबसे अधिक आवेदन लंबित

खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में खलीलाबाद नगर पालिका के 5,885, मगहर नगर पंचायत के 1,110 और बखिरा के 3,662 आवेदन लंबित हैं। वहीं, मेंहदावल तहसील क्षेत्र में मेंहदावल नगर पंचायत के 4,828, बेलहरकला के 2,192 और धर्मसिंहवा के 2,433 आवेदनों का सत्यापन बाकी है। इसी प्रकार धनघटा तहसील क्षेत्र में हरिहरपुर नगर पंचायत के 368 और हैंसर बाजार के 3,917 आवेदन लंबित हैं।

एक सप्ताह में प्रमाण पत्र नहीं देने पर रुकेगा वेतन

जारी पत्र में पात्रता जांच में लापरवाही को कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के विरुद्ध बताया गया है। संबंधित उपजिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर प्रमाणपत्र डूडा कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कार्य में लापरवाही जारी रहने पर वेतन आहरण पर रोक लगाने की चेतावनी दी गई है।

एडीएम वित्त व राजस्व सत्यप्रकाश ने बताया प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्राप्त आवेदनों की पात्रता जांच में लापरवाही सामने आई है। जिले में 24 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। एसडीएम व ईओ को शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया गया है।

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