3500 रुपये सैलरी पाने वाले चपरासी के खाते से हुआ 1.71 करोड़ का लेनदेन, संतकबीरनगर पुलिस ने शुरू की जांच
संतकबीरनगर में एक चपरासी के बैंक खाते से 1.71 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है, जबकि उसका मासिक वेतन मात्र 3,500 रुपये है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
चपरासी के खाते में 1.71 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन।
मासिक वेतन 3,500 रुपये, साइबर धोखाधड़ी का संदेह।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, 21 शिकायतें मिलीं।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। करीब 3,500 रुपये मासिक वेतन पाने वाले धनघटा थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के चपरासी के बैंक खाते से 1.71 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन का मामला सामने आया है।
इसमें 86.20 लाख रुपये से अधिक के क्रेडिट और 84.92 लाख से अधिक की रकम डेबिट हुई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस को जांच में खाते में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी धनराशि के लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस ने खाताधारक समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर क्राइम थाने के उपनिरीक्षक ललित कान्त यादव की तहरीर पर संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट के आधार पर धनघटा क्षेत्र के दुघरा कला गांव निवासी प्रमोद कुमार पुत्र उदय भान के केनरा बैंक खाते की जांच की गई। पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि वह सीएसआर अस्पताल नाथनगर, महुली में चपरासी है और उसे करीब 3,500 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। उसके अनुसार अमित सिंह नामक व्यक्ति ने उसका बैंक खाता खुलवाया था।
बैंक स्टेटमेंट के अनुसार 26 जून, 2024 को खाते में पहली बार पांच हजार रुपये जमा हुए, जिसमें से 4,800 रुपये निकाले गए। इसके बाद यूपीआई समेत अन्य माध्यमों से लगातार लेनदेन होता रहा। एक जुलाई, 2024 को 80,500 रुपये और 23 जुलाई को दो लाख तथा 2.40 लाख रुपये समेत कई बड़ी धनराशियां खाते में जमा हुईं।
खाते से 2434 क्रेडिट और 1985 डेबिट के हुए ट्रांजेक्शन
पुलिस के मुताबिक खाते में कुल 86 लाख 20 हजार 246 रुपये क्रेडिट और 84 लाख 92 हजार 758 रुपये डेबिट हुए। इस दौरान 2,434 क्रेडिट और 1,985 डेबिट ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। खाते में एक लाख 27 हजार 487 रुपये शेष मिले।
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एनसीआरपी पर भी मिलीं हैं 21 शिकायतें
पुलिस जांच में खाते से संबंधित एनसीआरपी पोर्टल (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें भी मिलीं। साइबर माध्यम से धोखाधड़ी कर प्राप्त धनराशि इस खाते में आने और इसके बाद अन्य खातों में स्थानांतरित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने ऐसी 21 शिकायतों के अभिलेख तहरीर के साथ संलग्न किए हैं।
तहरीर के आधार पर खाताधारक और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस खाते का वास्तविक संचालन करने वाले व्यक्ति, साइबर धोखाधड़ी में शामिल लोगों, संबंधित मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और धनराशि प्राप्त करने वाले अन्य खातों की भूमिका की जांच कर रही है।
दिलीप सिंह, साइबर थाना प्रभारी
