विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल जलप्रलय से बचकर लौटे अनिरुद्ध ने सुनाई खौफनाक आपबीती, बोला- 'देखते ही देखते बह गए लोग'

Published: Fri, 28 Aug 2026 11:26 AM (IST)

संतकबीर नगर के महुली निवासी अनिरुद्ध नेपाल में आई जलप्रलय से बचकर लौटे और वहां के खौफनाक मंजर की आपबीती ...और पढ़ें

महुली के अनिरुद्ध ने सुनाई आपबीती। जागरण

महुली के अनिरुद्ध ने सुनाई आपबीती। जागरण

HighLights

  1. नेपाल जलप्रलय से बचकर लौटे अनिरुद्ध ने सुनाई आपबीती।

  2. बुटवल के पास पानी की तेज धार में लोग बहे।

  3. खौफनाक मंजर देख अनिरुद्ध जान बचाकर बॉर्डर पहुंचे।

संवाद सूत्र, महुली, (संतकबीर नगर)। नेपाल में आई जलप्रलय की विभीषिका से बचकर घर लौटे महुली के अनिरुद्ध ने वहां के खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई। बताया कि पानी की रफ्तार और उसकी भयानक आवाज ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। सड़क के नीचे घनी आबादी में देखते ही देखते पानी का ऐसा उफान आया कि कई लोग उसकी चपेट में आकर बहने लगे। इन सब स्थितियों के बीच जिंदगी बचाने के लिए वह बिना देर किए बॉर्डर की ओर निकल पड़े।

अनिरुद्ध ने बताया कि वह दो दिन पहले काठमांडू से यात्रा करते हुए बुधवार की सुबह करीब 8:15 बजे बुटवल शहर के पास पहुंचे थे। सड़क किनारे एक गुमटी पर चाय-नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान सड़क के नीचे बसी घनी आबादी की तरफ से अचानक जलप्रलय जैसी तेज आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते पानी का भयावह रेला आबादी की ओर बढ़ता दिखाई दिया। मंजर इतना डरावना था कि वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

अनिरुद्ध ने बताया कि पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई लोग पानी के तेज बहाव में बहते नजर आए। खतरे को भांपते हुए वह तत्काल वहां से निकलकर बॉर्डर की तरफ रवाना हो गए। रास्ते में भी उनका परिवार से संपर्क बना रहा और वह लगातार अपनी कुशलता की जानकारी देते रहे।

यह भी पढ़ें- संतकबीर नगर में 20 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला, पुलिस जांच में जुटी

गुरुवार को वह किसी तरह बॉर्डर पहुंचे और जान बचाते हुए अपने देश लौट आए। घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। अनिरुद्ध ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा प्रलयकारी मंजर पहली बार देखा है। पानी की रफ्तार और उसकी भयावह आवाज आज भी उनके दिल में दहशत पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान का शुक्र है कि उन्हें उस भयावह स्थिति के बीच से निकलकर सुरक्षित अपने वतन लौटने की हिम्मत मिली।