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संतकबीरनगर में करवा चौथ पर चंद्र दर्शन में बाधा, फिर भी सुहागिनों ने पूरी की पूजा

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:48 PM (IST)

संतकबीरनगर में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, जहां सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा।

अर्णब तूफान के कारण चंद्र दर्शन न होने से असमंजस के बावजूद, महिलाओं ने समय पर पूजा कर व्रत का पारण किया।

अर्णब तूफान के कारण चंद्र दर्शन न होने से असमंजस के बावजूद, महिलाओं ने समय पर पूजा कर व्रत का पारण किया।

HighLights

  1. संतकबीरनगर में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा से मनाया गया।

  2. अर्णब तूफान से चंद्र दर्शन न होने पर असमंजस रहा।

  3. पंडितों के बताए समय पर महिलाओं ने व्रत खोला।

जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ पर्व गुरुवार को जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। हाथों में मेहंदी रचाकर और विशेष परिधानों में सोलह शृंगार कर महिलाएं मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। हालांकि, अर्णब तूफान के असर से दिनभर बूंदाबांदी और आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्र दर्शन नहीं हो सके। ऐसे में महिलाओं ने पंडितों के बताए समय के अनुसार चंद्रमा का पूजन कर पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण किया।

करवा चौथ को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। सुहागिनों ने सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया और दिनभर निर्जला उपवास रखा। शाम को महिलाओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा-अर्चना की। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति की कामना की।

जिले में अर्णब तूफान के प्रभाव से पूरे दिन मौसम बदला रहा। बूंदाबांदी के बीच आसमान में बादल छाए रहने से चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके। इससे व्रती महिलाओं के सामने व्रत के पारण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। पंडित धरणी धर जी महाराज ने बताया कि रात आठ बजकर एक मिनट पर चंद्र दर्शन का समय निर्धारित किया गया था। शहर के पंडित सुजीत श्रीवास्तव ने भी इसी समय की जानकारी दी।

दीक्षा, डा. सोनी सिंह और कृतिका सिंह समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि आसमान में बादल छाए रहने से चंद्रमा स्पष्ट दिखाई नहीं दिया। हालांकि, गुरुजी द्वारा बताए निर्धारित समय के अनुसार ही उन्होंने पूजन-अर्चन किया। परंपरा के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के दर्शन किए और उनके हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला। घरों में महिलाओं ने पूजा के लिए विशेष पकवान और मिठाइयां भी तैयार कीं। व्रत के पारण के बाद परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।

मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं महिलाएं

करवा चौथ के अवसर पर जिले के प्रमुख मंदिरों में महिलाओं की भीड़ लगी रही। शहर के समय माता मंदिर, बरदहिया बाजार स्थित मंदिर, दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर और कोपेश्वरनाथ शिव मंदिर में महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। वहीं, बखिरा स्थित बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर और बाबा तामेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी सुहागिनें पूजन के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने धूप-अगरबत्ती जलाकर और मिठाइयां अर्पित कर अपने आराध्य देव से परिवार की खुशहाली और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना की।

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