संत कबीर नगर:बेलहर थाने की सांथा चौकी की पुलिस का भयावह चेहरा सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। दारोगा आंनद सिंह पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदारों की कलई भी खुल रही है। क्षेत्र की जनता मुखर है। लोगों का कहना है कि यह मामला प्रकाश में आ गया तो लोग जान गए। पुलिस इससे भी बुरी गत आम जनता की कर रही है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

लोहरसन गांव के जगरनाथ व दिग्विजय को बीते सोमवार को बच्चों के विवाद में पकड़ गया था। पूरी रात पुलिस ने दोनों को बखिरा थाने के लाकअप में रखा और उन पर जुल्म ढाहें। पुलिस द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार की बात कहते हुए दोनों भाई फफक पड़ते हैं।

पुलिस 24 घंटे से ज्यादा समय तक किसी भी आरोपित को थाने में नहीं सकती, लेकिन दोनों भाइयों के मामले में यह कायदा भी टूट गया। पुलिस की अभिरक्षा में दोनों भाई सोमवार की शाम से मंगलवार रात 12 बजे तक रहे।

मंगलवार को देर रात 12 बजे जमानत मिलने के बाद दोनों भाई घर आए तो परिवार के लोग दोनों से लिपट कर रोने लगे। बुधवार को भी परिवार पर पुलिस का भय साफ दिखाई दिया। दोनो कराहते हुए मीडिया से मुखातिब हुए। दोनों ने अपने साथ हुए जुल्म को बताया तो हर कोई पुलिस को बद्दुआ देता नजर आया। रात 12 बजे एसडीएम का जमानत देना चर्चा में रहा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी गयादत्त मिश्र का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। अगर मामला सत्य मिला तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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