संतकबीर नगर : माह-ए-रमजान का आखिर अशरा जैसे-जैसे बीत रहा है ईद की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को मुबारक माह का 23वां रोजा रखा गया। रोजेदारों ने रात-दिन इबादत की। कोरोना संक्रमण से चल रही बंदी में अधिकांश रोजेदारों ने घर पर नमाज पढ़ी। सुबह सहरी से शाम को इफ्तार तक उत्साह बना रहा। अल्लाह को राजी करने में रोजेदार अकीदत पेश कर रहे हैं। शुक्रवार को जमात-उल-विदा (अलविदा ) की नमाज पढ़ी जाएगी।

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घर पर पढें अलविदा की नवाज आल इंडिया उलमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष शोएब अहमद नदवी ने कहा कि कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए अलविदा की नमाज घर में पढ़े। अल्लाह से सभी की सलामती की दुआ मांगने के साथ भ्रम से परे होकर कोविड से बचाव का टीका लगावाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की यह दूसरी लहर बहुत दुखदायी है। तमाम अपने साथ छोड़ जा रहे हैं। ऐसे में हम सभी अपना तथा परिवार व समाज की रक्षा के लिए टीका लगवाएं। अफवाह पर ध्यान न देकर शासन-प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें।

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निभाएंगे फर्ज, अल्लाह में मांगें दुआ बखिरा अमरडोभा के मौलाना मुकर्रम ने कहा कि रमजानुल माह की अहमियत जगह-जगह बयान की गई है। केवल इबादत करना, झूठ से बचना, बुराई न करना ही नहीं बल्कि सारी जिदगी इस पर अमल करने की सीख दी गई है। इस बार हम सभी घरों में नमाज पढ़ रहे हैं। जकात अदायगी के साथ आगे भी शासन-प्रशासन के सुझाए गए नियमों को ध्यान में रखते हुए इंसानियत का फर्ज निभाया जाएगा। कोरोना के इस काल में हमें अल्लाह से लोगों की सलामती की दुआ मांगनी चाहिए।

---------------- खुशियों का पैगाम है रमजान मौलाना फजले रसूल आजमी ने कहा कि रोजा का असल मकसद समझने की आवश्यकता है। मुबारक माह अब हमसे दूर हो रहा है। जीवन में बार-बार अल्लाह की इबादत का मौका मिले इसके लिए हम अलविदा की नमाज पर अल्लाह से कोरोना से मुक्ति की दुआ करेंगे। कोरोना संक्रमण के गाइडलाइन का पालन करते हुए अलविदा की नमाज व रोजा पूरा करके ईद मनाई जाएगी। खुशी में औरों को भी शामिल करने का कार्य करेंगे। इस बार मस्जिद नहीं हमें घरों में रहकर दुआ मांगनी है।

-------------- रमजान में आज - इफ्तार - शाम 6.37 (शुक्रवार) -सुन्नी - सहरी सुबह 3.43 बजे ( शनिवार) सुन्नी ------------------- -- इफ्तार - शाम 6.53 बजे (शुक्रवार) -शिया - सहरी सुबह 3.49 बजे (शनिवार) शिया