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रंगीन फूलगोभी की खेती से किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा, आर्थिक खुशहाली का नया रास्ता

Published: Tue, 18 Aug 2026 02:51 PM (IST)

रंगीन फूलगोभी, जो पोषक तत्वों से भरपूर और आकर्षक होती है, किसानों के लिए बेहतर मुनाफे का स्रोत बन सकती ...और पढ़ें

तैयार हो जाने पर ऐसे दिखेगा रंगीन फूलगोभी। कृषि विज्ञान केंद्र

तैयार हो जाने पर ऐसे दिखेगा रंगीन फूलगोभी। कृषि विज्ञान केंद्र

HighLights

  1. रंगीन फूलगोभी पोषक तत्वों से भरपूर, किसानों के लिए लाभकारी फसल।

  2. प्रति एकड़ 32-44 हजार लागत पर 3.60 लाख तक शुद्ध आय।

  3. संतकबीरनगर में कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को खेती हेतु करेगा प्रोत्साहित।

दिलीप पाण्डेय, संतकबीरनगर। बैंगनी,नारंगी,पीली,लाल,हरे रंग की फूलगोभी देखने में बेहद खूबसूरत होने के साथ ही पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसका स्वाद भी अलग-अलग होता है। सेहत के लिए काफी फायदेमंद होने के साथ ही यह किसानों को बेहतर मुनाफा दे सकती है। आर्थिक खुशहाली लाकर उनकी जिंदगी रंगीन कर सकती है।

जनपद में इसकी खेती नहीं होती है लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र-बगही के कृषि वैज्ञानिक प्रथम चरण में प्रगतिशील किसानों को चिह्नित कर उन्हें यह खेती छोटे क्षेत्रफल में करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। जागरूकता बढ़ाकर इसके क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी करने की योजना है। इस केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा.देवेश कुमार ने इसके बारे में दी यह जानकारी...

लाभकारी फसल के रूप में उभर रही रंगीन फूलगोभी की खेती
बदलते खान-पान और प्रीमियम सब्जियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रंगीन फूलगोभी किसानों के लिए एक नई एवं लाभकारी फसल के रूप में उभर रही है। बैंगनी,नारंगी,पीली,लाल व हरे रंग की फूलगोभी आकर्षक होने के साथ ही पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है।

इसकी खेती सामान्य सफेद फूलगोभी की तरह ही की जा सकती है। रंगीन फूलगोभी की नर्सरी तैयार करने के लिए एक एकड़ में करीब 100 से 125 ग्राम बीज की जरूरत होती है। करीब 25 से 35 दिन में रोपाई के लिए पौधे तैयार हो जाते हैं। किस्म व मौसम के अनुसार रोपाई के बाद 60 से 90 दिन बाद फूल तैयार होने लगते हैं।

बैंगनी फूलगोभी में हल्की मिठास और विशिष्ट स्वाद, जबकि नारंगी व पीली फूलगोभी में हल्की मिठास के साथ बेहतर पोषण गुण पाए जाते हैं। हरी फूलगोभी का स्वाद सामान्य सफेद फूलगोभी जैसा होता है।

किसान प्रयोग करने के लिए छोटे क्षेत्रफल में करें इसकी खेती
फिलहाल रंगीन फूलगोभी का बाजार सामान्य सफेद फूलगोभी की तुलना में अभी सीमित है, लेकिन शहरी बाजार, होटल, रेस्टोरेंट, सुपरमार्केट और सीधे उपभोक्ताओं को बिक्री करने पर किसानों को प्रीमियम मूल्य मिलने की संभावना है। इसलिए किसान बड़े क्षेत्र में खेती करने से पहले छोटे क्षेत्र में इसका परीक्षण करें। बाजार की मांग को देखें। उसके बाद अधिक क्षेत्रफल में खेती करके बढ़िया मुनाफा कमाएं।

रंगीन फूलगोभी की खेती में प्रति एकड़ 32 से 44 हजार रुपये लागत
एक एकड़ में रंगीन फूलगोभी की खेती करने के लिए बीज,नर्सरी,खेत की तैयारी,खाद,सिंचाई,मजदूरी,कीट एवं रोग प्रबंधन, तुड़ाई व अन्य खर्च मिलाकर करीब 32 से 44 हजार रुपये लागत आ सकती है। यदि किसान को औसतन 40 रुपये प्रति किलो का थोक भाव मिलता है और 100 क्विंटल उत्पादन होता है तो करीब चार लाख रुपये सकल आय प्राप्त हो सकती है। 40 हजार रुपये लागत मानने पर संभावित शुद्ध आय करीब 3.60 लाख रुपये प्रति एकड़ हो सकती है। हालांकि वास्तविक आय उत्पादन और बाजार भाव पर निर्भर करेगी।

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फुटकर में 60 से 120 रुपये प्रति किलो बिकेगा रंगीन फूलगोभी
सफेद फूलगोभी का थोक भाव लगभग 20 से 35 रुपये प्रति किलो वहीं फुटकर भाव 30 से 50 रुपये प्रति किलो के आसपास रह सकता है। जबकि रंगीन फूलगोभी का थोक भाव करीब 40 से 70 रुपये वहीं फुटकर भाव 60 से 120 रुपये प्रति किलो या इससे अधिक मिल सकता है। इस जनपद के सेमरियावां ब्लाक के उमिला गांव के सुरेंद्र राय,खलीलाबाद ब्लाक के सियरासाथा गांव के कुंवर फकीर बख्श सिंह सहित अन्य प्रगतिशील किसान रंगीन फूलगोभी की व्यावसायिक खेती शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

प्रदेश के इन जिलों में हो रही रंगीन फूलगोभी की खेती
प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के अगौता ब्लाक के एत्मादपुर गांव के किसान राकेश कुमार सिरोही विभिन्न रंगों वाली फूलगोभी,गोरखपुर में पीली एवं बैंगनी फूलगोभी,कानपुर में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय क्षेत्र में,प्रयागराज में किसान पीली फूलगोभी की खेती कर रहे हैं। प्रदेश के सहारनपुर जिले में इसकी जैविक खेती का सफल ट्रायल हुआ है। उसके बाद बिक्री दिल्ली-देहरादून तक जिलों में रंगीन फूलगोभी को भेजा जा रहा है।