संत कबीरनगर : शांति, समरसता और सामाजिक चेतना के पथप्रदर्शक बुद्ध से कबीर की पदयात्रा कुशीनगर से चलकर चौथे दिन शुक्रवार को संत कबीरनगर पहुंची। यहां लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत किया। बुद्ध की शांति और कबीर के श्रम को हथियार बनाने की लोगों ने शपथ ली। यात्रा में साथ चल रहे युवाओं ने कबीर की कविताओं और उनके वचनों को सुनकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खलीलाबाद से यात्रा कबीर के मगहर पहुंची।

बुद्ध से कबीर तक यात्रा के चौथे दिन का कार्यक्रम संत कबीरनगर के विभिन्न स्थानों पर सकुशल सम्पन्न हुआ। टीम खलीलाबाद के मोती चौराहा, जूनियर हाईस्कूल, बैंक चौराहा, गोला बाजार, आजाद चौक, समय माता मंदिर, माली टोला, बरदहिया बाजार होते हुए मगहर कबीर स्थल तक पदयात्रा करते हुए पहुंची, मार्ग में पड़ने वाले संस्थानों ने यात्रा का स्वागत किया। जूनियर हाई स्कूल पर बुद्ध से कबीर तक बैंड ने अपनी कबीर के निर्गुण भजनों की सुन्दर प्रस्तुतियों से लोगों का मनमोह लिया। बुद्ध से कबीर तक ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक डा. विनोद कुमार मल्ल, मुंबई के कस्टम कमिश्नर सुनील मल्ल और आइएएस अनुराधा और शिक्षाविद डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने भारत के गौरवशाली विरासत के बारे में बताते हुए, सद्भाव और प्रेम की पुरानी परंपरा को कायम रखने की बात कही। भारत की बहुरंगी संस्कृति के प्रतीक रंग बिरंगे झंडों से सजी यह यात्रा मगहर कस्बे की पदयात्रा करते हुए कबीर स्थली पहुंची और कबीर समाधि और मजार पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध, गुरु गोरक्षनाथ, महावीर, गुरुनानक, कबीर, गांधी, बाबा साहब आंबेडकर आज भी प्रासंगिक हैं। इस दौरान मुख्य रूप से ब्लाक प्रमुख मुमताज अहमद, सुनील छापड़िया, सुधीर सिंह आलोक श्रीवास्तव, अजीत सिंह, संजय, मनोज सिंह, राजमन, आदित्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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