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3022 युवा समेत 5352 लोगों को लगा कोरोनारोधी टीका

एक वर्ष पूर्व बेलहर कला नगर पंचायत का गठन हुआ था। वर्तमान समय में नगर पंचायत अस्तित्व में है लेकिन यहां पर बेसहारा पशुओं के आश्रय व रहने-खाने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पशु सड़क व सार्वजनिक स्थानों पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं।

By JagranEdited By: Published: Thu, 07 Oct 2021 11:50 PM (IST)Updated: Fri, 08 Oct 2021 03:23 PM (IST)
3022 युवा समेत 5352 लोगों को लगा कोरोनारोधी टीका

संतकबीर नगर: जनपद के सरकारी अस्पतालों में गुरुवार को 3022 युवा समेत कुल 5352 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में सर्वाधिक टीका लगा। यहां पर महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतार लगी रही। टीका लगवाने के बाद युवा काफी उत्साहित दिखे। सीएमओ डा. इंद्रविजय विश्वकर्मा व एसीएमओ डा. मोहन झा टीकाकरण की मानिटरिग करते रहे।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को 16200 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था। इसके सापेक्ष जनपद के सरकारी अस्पतालों में 5352 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगा। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खलीलाबाद में 1406, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पौली में 60, सीएचसी नाथनगर में 450, सीएचसी सांथा में 360, सीएचसी सेमरियावां में 500, सीएचसी मेंहदावल में 520, सीएचसी हैंसर बाजार में 653, पीएचसी बेलहरकलां में 400, पीएचसी बघौली में 800, जिला चिकित्सालय-वूमैन स्पेशल में 10, जिला चिकित्सालय-अभिभावक स्पेशल में 50, जिला चिकित्सालय व अन्य में 10 तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 133 लोगों को टीके लगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एस रहमान ने बताया कि इसमें सबसे अधिक 18 से 44 साल के बीच के 3022 युवाओं को टीके लगे। वहीं 45 से 60 साल के बीच के 1454 लोगों को टीके लगे। जबकि 60 साल से ऊपर आयु के 876 लोगों को यह टीके लगे।

सड़क पर आराम फरमा रहे बेसहारा पशु

बेलहर कला नगर पंचायत में इन दिनों बेसहारा पशुओं की समस्या से लोग परेशान हैं। पशुओं के आश्रय की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से पशु सड़क पर ही आराम फरमाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना होने का मामला भी सामने आता है। उसके बावजूद जिम्मेदार मूकदर्शक बने हैं।

एक वर्ष पूर्व बेलहर कला नगर पंचायत का गठन हुआ था। वर्तमान समय में नगर पंचायत अस्तित्व में है, लेकिन यहां पर बेसहारा पशुओं के आश्रय व रहने-खाने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पशु सड़क व सार्वजनिक स्थानों पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। पशु खेतों में फसलों को अपना निवाला बनाते हैं, जिससे किसानों की गाढ़ी कमाई डूब रही है। बेसहारा पशु के समस्या का समाधान न होने से स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द गोआश्रय केंद्र का निर्माण कराकर गोशाला में भेजने की मांग की है। बेलहर के अधिशासी अधिकारी प्रदीप कुमार शुक्ल ने बताया कि बेलहर नगर पंचायत अभी जल्द ही अस्तित्व में आया है। यहां पर अभी कान्हा गोशाला का निर्माण नहीं हो सका है। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए पशुओं को आश्रय दिया जाएगा।


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