संतकबीर नगर: जनपद के सरकारी अस्पतालों में शुक्रवार को 11255 युवा समेत 16491 लोगों को कोरोना से बचाव के टीके लगे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में सर्वाधिक लोगों को टीके लगे। टीका लगवाने के लिए अस्पतालों में लोगों की लंबी कतार में लगी रही। टीका लगवाने के बाद युवा काफी उत्साहित दिखे।

जनपद के सरकारी अस्पतालों में शुक्रवार को 16491 लोगों को कोरोना से बचाव के टीके लगाए गए। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) खलीलाबाद में 3290, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पौली में 440, सीएचसी नाथनगर में 2500, सीएचसी सांथा में 1544, सीएचसी सेमरियावां में 2130 , सीएचसी मेंहदावल में 1720, सीएचसी हैंसर बाजार में 2104, पीएचसी बेलहरकलां में 440, पीएचसी बघौली में 1700, जिला चिकित्सालय-वूमैन स्पेशल में 60, जिला चिकित्सालय-अभिभावक स्पेशल में 110 , जिला चिकित्सालय व अन्य में 20 तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 433 कुल 16491 लोगों को टीके लगे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एस रहमान ने कहा कि सर्वाधिक 11255 युवाओं को टीके लगे हैं। जबकि 45 साल से ऊपर आयु के 3009 लोगों को टीके लगे। वहीं 60 साल से ऊपर आयु के 1627 लोगों को टीके लगे हैं। जिला अस्पताल को सर्जन समेत दो चिकित्सक मिले

संतकबीर नगर: शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल को दो चिकित्सक मिले हैं। सर्जरी विभाग में डा. संदीप राय और हड्डी व जोड़ रोग विभाग में डा. सोहन स्वरूप शर्मा ने शुक्रवार को कार्यभार संभाल लिया। इन चिकित्सकों के आने से जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का अनुमान लगाया जा रहा है।

डा. संदीप राय बस्ती जनपद के चित्राखोर गांव के रहने वाले हैं। वे आगरा के एसएन मेडिकल कालेज के सर्जरी विभाग में एमएस की परीक्षा में गोल्ड मेडल हासिल किया है। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में अक्टूबर माह में होने वाले दीक्षांत समारोह में उन्हें मेडल देकर सम्मानित भी किया जायेगा। डा. संदीप ने बताया कि हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई उन्होंने गोरखपुर स्थित जुबली इंटर कालेज से की है। उसके बाद वे आगरा के हिमालयन इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की।

आर्थोपेडिक सर्जन डा. सोहन स्वरूप शर्मा गोरखपुर शहर के ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले हैं। यह भी एमएस की पढ़ाई एसएन मेडिकल कालेज आगरा से किए हैं। दोनों चिकित्सकों के कार्यभार ग्रहण करने से अस्पताल की स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है। अस्पताल में मात्र एक सर्जन थे, जिसके चलते आए दिन समस्या होती थी। दोनों चिकित्सकों ने कहा कि वह लोग अब जिला अस्पताल में बेहतर काम करने का प्रयास करेंगे। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ओपी चतुर्वेदी ने कहा कि अब सर्जरी से जुड़े मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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