सम्भल : पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलित हैं। तीसरे दिन भी अधिकारी, कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ऐसे में सरकारी कामकाज को लेकर विभागों में पहुंचे लोगों को बिना वापस काम कराए वापस लौटना पड़ा। बहजोई में शिक्षकों और कर्मचारियों ने मांग को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।

जिले भर के अधिकारी व कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन के तहत शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहें। नए तहसील व शिक्षा विभाग, एआरटीओ कार्यालय में काम काज बंद रहा। कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। शुक्रवार को लोग लाइसेंस बनवाने व अपने काम को कराने के लिए तहसील पहुंचे थे। वहां कर्मचारियों द्वारा कामकाज न होने की वजह से उन्हें निराशा हाथ लगी। कोई काम नहीं हो सका। ऐसे में लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। कई घंटे तक लोग इधर उधर भटकते जरूर नजर आए। आंदोलन के लिए कर्मचारी लगातार समर्थन मांग रहे हैं।

बहजोई : कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किए जाने की मांग को शुक्रवार को कर्मचारी संगठनों ने सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी करा कार्य बहिष्कार किया। वहीं कलेक्ट्रेट के निकट धरना प्रदर्शन कर पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी को सौंपा।

जिला संयोजक चंद्रकेश यादव ने संबोधन में कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन पाने के लिए अब लामबंद हो चुके हैं। संघर्ष समिति के चेयरमैन वीरेंद्र ¨सह राघव ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के बुढ़ापे में बेसहारा बनाने पर तुली हुई है।

सुनील कुमार दिवाकर अमित कुमार कटारिया ,राजेश चौधरी, सत्येंद्र ¨सह ,कृष्णा. टीडी ,रानी पिपपल, अवनेश गुप्ता, मोहम्मद रईस ,गो¨वद ¨सह ,करण ¨सह, राकेश शर्मा, प्रशांत शर्मा, गोपाल, जयवीर, महिपाल, अवनीशकांत, बृजेश कुमार, चंद्रशेखर, वीरपाल ¨सह यादव, आदि मौजूद रहे। ::::::::::::इनसेट::::::::::: चन्दौसी में काली पट्टी बांध कर किया विरोध प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, चन्दौसी : कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण ¨सह गुट) के शिक्षकों ने विद्यालयों में कार्य बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर आंदोलन की आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शिवेंद्र पाल ¨सह ने कहा कि नई पेंशन योजना शेयर मार्केट पर आधारित है, इसमें यह सुनिश्चित नहीं है कि सेवानिवृत्त के बाद कितनी पेंशन मिलेगी। सरकार ने अगर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव तक पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं की तो प्रदेश के कर्मचारी भी सबक सिखाने को तैयार बैठे हैं। रामप्रकाश, राजीव त्यागी, राजेश गुप्ता, सत्यपाल, ममता शर्मा, एके ¨सह, चंद्रवीर, विपिन कुमार, नेमचंद्र, विनीता रानी, योगेश बाबू, धर्मेंद्र कुमार, गणेश ¨सह आदि मौजूद रहे। कोट---

मैं ड्राइ¨वग लाइसेंन बनवाने के लिए दो दिन से आ रहा हूं। यहां कामकाज दूसरे दिन भी बंद है। अब मुझे वापस लौटना पड़ रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होगी, अब जब आऊंगा।

ऊजल मिश्रा मैं अब लाइसेंस लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय पर आया था। यहां कोई भी कर्मचारी डयूटी पर नहीं दिख रहा है। इस वजह से अब वापस घर जाना पड़ रहा है।

इंद्र ठाकुर खसरा- खतौनी निकलवाने के लिए तहसील पर आया था। दो दिन से चक्कर लगा रहा हूं। आज भी हड़ताल जारी है। पता नहीं कब काम होगा।

होराम यादव तीन दिन से मैं काम कराने के लिए तहसील पर आ रहा हूं। कई दिन से मेरा काम अटका हुआ है। ड्राइ¨वग लाइसेंस के लिए भी आवेदन करना था। वह भी काम नहीं हो सका।

मोहम्मद अशरफ

Edited By: Jagran