सरकारी अस्पताल से 11 डॉक्टर सालों से गायब! कई नोटिस के बाद भी नहीं आए, अब शासन करने जा रहा बड़ी कार्रवाई
संभल के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से 11 डॉक्टर वर्षों से ड्यूटी से गायब हैं, जिनमें से 4 वर्ष 2018 से ...और पढ़ें

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HighLights
चार-पांच नोटिस के बाद भी ड्यूटी से दूरी, वर्ष 2018 से गायब चिकित्सकों पर कार्रवाई तेज
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात होकर वर्षों से ड्यूटी से गायब चल रहे 11 चिकित्सकों पर अब शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इनमें चार चिकित्सक वर्ष 2018 से ही गैरहाजिर बताए जा रहे हैं, जबकि सात अन्य वर्ष 2020-21 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित हैं।
विभाग की ओर से संबंधित चिकित्सकों को चार से पांच बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। अब शासन स्तर से भी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सीएमओ डाॅ. तरूण पाठक ने बताया कि वर्ष 2018 से गैरहाजिर बताए जा रहे चिकित्सकों में शबेज इकबाल सीएचसी संभल, उमेश कुमार सीएचसी असमोली, नवीन कुमार और आदिल सलमानी शामिल हैं।
इनके संबंध में विभाग की ओर से नोटिस जारी करने के साथ ही शासन ने आरोप पत्र भी मांगे थे। विभागीय स्तर से आरोप पत्र शासन को भेजे जा चुके हैं। यह कार्रवाई तत्कालीन सीएमओ तरन्नुम रजा के कार्यकाल में की गई थी।
इसके अलावा वर्ष 2020-21 से गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों में असद हाफिज अंसारी, सीएचसी पंवासा, अरुण कुमार, आदिल खान, पीएचसी भवालपुर, जोहेद कालिम, सीएचसी संभल, सुहेल अहमद, सीएचसी असमोली, आकृति मयंक, पीएचसी चमराओया और आजिम अकबर, सीएचसी संभल शामिल हैं।
इन चिकित्सकों की लगातार अनुपस्थिति को लेकर विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। चिकित्सकों की लंबे समय से गैरहाजिरी का असर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सकीय सेवाओं पर पड़ने की बात सामने आई है।
जहां मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के लिए उपलब्ध चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, वहीं लंबे समय से रिक्त चल रही जिम्मेदारियों का अतिरिक्त भार अन्य चिकित्सकों पर भी पड़ रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ गैरहाजिर चिकित्सकों के जल्द ज्वाइन करने की भी चर्चा है। ऐसे में विभाग उनकी वास्तविक उपस्थिति और ज्वाइनिंग की स्थिति पर नजर रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
