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Shiksha Mitr : यूपी के इस जिले के शिक्षा मित्रों के लिए बुरी खबर, हो गया यह नुकसान; अब करेंगे आंदोलन

बताया जाता है कि शिक्षक शिक्षा मित्रों के लिए चार दिन का एफएलएन फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी यानी मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रशिक्षण बीआरसी केंद्रों पर मार्च माह में चला। प्रत्येक शिक्षा मित्र को हर दिन का 170 रुपये देना था। चार दिन के लिए 680 रुपये उनके खाते में तत्काल भेजने की बात कही गई लेकिन दो माह बीत गया और पैसा अब तक नहीं आया।

By Raghvendra Chandra Shukla Edited By: Mohammed Ammar Sat, 01 Jun 2024 05:23 PM (IST)
Shiksha Mitr : यूपी के इस जिले के शिक्षा मित्रों के लिए बुरी खबर, हो गया यह नुकसान; फूटा आक्रोश

जागरण संवाददाता, चंदौसी (संभल) : बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष प्रशिक्षण एफएलएन फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी में भाग लेने वाले जनपद में 1,600 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण भत्ता नहीं मिल पाया है। मार्च 2024 में हुए प्रशिक्षण के तत्काल बाद ही इनके खाते में चार दिन के प्रशिक्षण का 680 रुपये आना था जो नहीं आया। अब शिक्षा मित्रों ने कई सवाल खड़ा करते हुए आंदोलन की बात कही है।

बताया जाता है कि शिक्षक शिक्षा मित्रों के लिए चार दिन का एफएलएन फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी यानी मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रशिक्षण बीआरसी केंद्रों पर मार्च माह में चला। प्रत्येक शिक्षा मित्र को हर दिन का 170 रुपये देना था। चार दिन के लिए 680 रुपये उनके खाते में तत्काल भेजने की बात कही गई लेकिन दो माह बीत गया और पैसा अब तक नहीं आया।

शिक्षा मित्र संघ के प्रवक्ता रविंद्र खारी ने बताया कि प्रशिक्षण खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कराया गया था। जनपद के 1,600 के करीब शिक्षा मित्रों ने भाग लिया था। इन्हें प्रतिदिन 170 रुपये के हिसाब से 10.88 लाख रुपये का भुगतान होना था। पर लापरवाही की वजह से अब तक यह पैसा नहीं भेजा गया। शिक्षा मित्र मार्च 2024 से इंतजार कर रहे हैं। एआरपी ने उस समय बताया था कि भुगतान माह मार्च में ऑनलाइन कर दिया जाएगा। शीघ्र ही मानदेय भुगतान नहीं किया गया तो आगे की लड़ाई जारी रखेंगे।

क्या है प्रशिक्षण  एफएलएन : यानी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी, जिसका हिंदी अर्थ मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता है। इसके जरिए एक बच्चे के बुनियादी पाठ पढ़ने और आधारभूत गणित के सवालों (जैसे-जोड़ और घटाव) को हल करने की उसकी क्षमता के रूप में संकल्पित किया गया है।