स्कॉटलैंड में पढ़ाई-नौकरी का झांसा, छात्र को लंदन से भेजा वापस; उपभोक्ता आयोग ने एजेंसी पर ठोका ₹4 लाख का जुर्माना
स्कॉटलैंड में पढ़ाई और नौकरी का झांसा देकर एक युवक से लाखों रुपये ठगने वाली एजेंसी पर जिला उपभोक्ता आयोग ...और पढ़ें

एआई इमेज
HighLights
जिले उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फीस और वापसी का किराया भी लौटाने का दिया आदेश
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। विदेश में पढ़ाई के साथ करीब दो लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी का सपना दिखाकर युवक से लाखों रुपये लेने वाली एजेंसी को अब भारी रकम चुकानी होगी। जिसमें जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एजेंसी पर न केवल चार लाख का अर्थदंड लगाया है बल्कि फीस और वापसी का किराया भुगतान करने का आदेश दिया है।
दरअसल, जनपद के थाना एचोड़ा कंबोह क्षेत्र के गांव शेखूपुर खालसा निवासी मनी मांगट ने जुलाई 2023 में एक अखबार में प्रकाशित विज्ञापन देखकर प्लेनेट ओवरसीज के काशीपुर स्थित कार्यालय संपर्क किया था।
एजेंसी के संचालक अमृत सिंधु ने उन्हें विदेश में पढ़ाई कराने और अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। युवक ने स्काटलैंड से बीसीए की पढ़ाई करने की इच्छा जताई।
इस पर एजेंसी ने 24 जुलाई 2023 को पढ़ाई की फीस के रूप में 5,34,900 रुपये और लंदन होते हुए स्काटलैंड जाने के टिकट के लिए 1,19,000 रुपये जमा कराए। चार सितंबर 2023 को मनी मांगट दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हुए।
जिन्हें बताया गया कि लंदन पहुंचने पर विनय कुमार नाम का व्यक्ति मिलेगा, जो उन्हें स्काटलैंड पहुंचाएगा। लंदन पहुंचने के बाद मनी मांगट ने संबंधित एजेंट से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
उन्होंने स्वजन और अमृत सिंधु से वार्ता की। आगे की यात्रा के आवश्यक कागजात नहीं होने के कारण लंदन पुलिस ने उन्हें वापस भारत भेज दिया। इसके बाद उन्होंने एजेंसी से जमा धनराशि वापस मांगी, लेकिन एजेंसी ने कुछ रकम लौटाकर शेष धनराशि देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने जिला उपभोक्ता आयोग संभल में परिवाद प्रस्तुत किया। आयोग ने प्लेनेट ओवरसीज को तलब किया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि खर्च काटकर फीस वापस कर दी गई है।
इस पर अधिवक्ता ने आयोग को बताया कि जब परिवादी स्काटलैंड पहुंचा ही नहीं तो फीस में कटौती किस आधार पर की गई। साथ ही लंदन पहुंचने के बाद एजेंसी का प्रतिनिधि भी परिवादी से नहीं मिला, जो सेवा में कमी और लापरवाही को दर्शाता है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए प्लेनेट ओवरसीज डोमिनास के प्रबंधक, प्रोपराइटर व स्वामी को आदेश दिया कि परिवादी को शेष धनराशि 1,20,955 रुपये और लंदन से नई दिल्ली वापसी का किराया 1,07,000 रुपये, कुल 2,27,955 रुपये परिवाद संस्थित होने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित आयोग के खाते में जमा करें।
इसके अलावा मानसिक कष्ट और आर्थिक हानि के मद में चार लाख रुपये और वाद व्यय के मद में 10 हजार रुपये भी अदा करने होंगे। निर्धारित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा।
