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E-Challan Link: सपा नेता का फोन हैक कर रिश्तेदारों से ठगे 1.5 लाख, विधायक से भी ठगे 5 हजार

Published: Fri, 11 Sep 2026 06:57 PM (IST)

सपा नेता नवीन यादव का मोबाइल ई-चालान लिंक खोलने से हैक हो गया, जिससे उनके संपर्कों से करीब डेढ़ लाख ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

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HighLights

  1. मोबाइल पर आया ई-चालान लिंक खोल लिया था सपा नेता ने, कई लोगों को मैसेज कर मांगे गए रुपये

संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। ई-चालान के लिंक को खोलने के बाद सपा नेता के मोबाइल फोन पर धड़ाधड़ ओटीपी आए और लोगों को व्हाट्एसएप मैसेज कर रुपये मांगे जाने लगे। असमोली विधायक ने भी ठगों को सपा नेता समझकर पांच हजार रुपये दे दिए। अन्य कई लाेगों ने भी करीब डेढ़ लाख रुपये भेज दिए।साइबर सेल में इसकी शिकायत की गई है।

गांव पाठकपुर निवासी सपा नेता नवीन यादव के व्हाट्सएप पर सेवानिवृत्त दारोगा कृपाल सिंह के नाम से बुधवार रात ई-चालान का लिंक आया था। सपा नेता ने लिंक खोल लिया।

गुरुवार काे मोबाइल पर लगातार ओटीपी आए तो उन्होंने फोन बंद कर दिया, लेकिन शाम सात बजे काल और मैसेज आना-जाना बंद हो गया। स्क्रीन भी ठीक से काम नहीं कर रही थी।

पता चला कि उनके करीब आठ हजार संपर्कों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर रुपये तक मांगे जाने लगे। असमोली विधायक समेत नोएडा के कुछ लोगों, शिक्षा विभाग के एक अधिकारी समेत सैफई के एक व्यक्ति ने भी सपा नेता समझकर रुपये भेज दिए।

ठगी का अहसास होने के बाद सपा नेता साइबर सेल पहुंचे। कई घंटों की मशक्कत से उनका फोन रिकवर किया गया। इसी तरह बहजोई के अंबेडकर युवक संघ अध्यक्ष दर्शनसिंह का मोबाइल भी हैक कर रुपये मांगे गए।

हालांकि उनसे ठगी का मामला सामने नहीं आया है। नवीन ने अज्ञात के प्रार्थना पत्र दिया है। सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि मामला आया है, आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

असमाेली विधायक ने बताया कि नवीन हमारे परिवार से ही जुड़े हैं, इसलिए भराेसा करके अपने भतीजे के मोबाइल से पैसे डलवाए थे।हालांकि दो ट्रांजेक्शन के बाद शक हुआ तो हमने बात की थी।

क्या होता है ई-चालान एप का फर्जी लिंक?

फर्जी ई-चालान का लिंक खोलने पर फर्जी एप डाउनलोड कराकर एसएमएस, कांटेक्ट और अन्य परमिशन हासिल की जाती हैं। इसके बाद ठग ओटीपी और व्हाट्सएप तक पहुंच बनाने का प्रयास कर संपर्कों को संदेश भेजकर रुपये मांगते हैं।

बचाव के पांच उपाय

  • अनजान नंबर से आए ई-चालान लिंक को न खोलें।
  • संदिग्ध एप डाउनलोड न करें।
  • ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
  • काॅल-मैसेज बंद होने पर इंटरनेट बंद कर, 1930 या साइबर सेल से संपर्क करें।

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