संभल में बिना रिकॉर्ड बन गए 8 हजार मकान: सर्वे में खुलासा, अब दोगुना होगा नगर पालिका का टैक्स कलेक्शन
संभल नगर पालिका के सर्वे में आठ हजार ऐसे मकान सामने आए हैं जो पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं ...और पढ़ें

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HighLights
सर्वे में सामने आई हकीकत, पांच हजार भवनों का कराया गया पंजीकरण
तीन हजार भवनों के सत्यापन और पंजीकरण की प्रक्रिया अभी जारी
संवाद सहयोगी, संभल। शहर में कई मकान ऐसे हैं, जो वर्षों से आबाद तो हैं, लेकिन नगर पालिका के रिकार्ड में उनका कोई हिसाब नहीं है। पालिका की ओर से वर्ष 2025-26 में कराए गए भवन एवं प्रतिष्ठान सर्वे में यह चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। सर्वे में करीब आठ हजार ऐसे भवन मिले, जो पालिका के रिकार्ड से बाहर थे।
इनमें से करीब पांच हजार भवनों का पंजीकरण कराया जा चुका है, जबकि तीन हजार भवनों को रिकार्ड में शामिल करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। संभल नगर पालिका के सर्वे में सामने आए इन भवनों को फिलहाल पालिका के रिकार्ड से बाहर माना जा रहा था।
भवनों के सर्वे के दौरान जब एक-एक भवन का सत्यापन किया गया तो बड़ी संख्या में ऐसे मकान और प्रतिष्ठान सामने आए, जिनका पालिका में कर निर्धारण ही नहीं हुआ था। इसके बाद पालिका ने इन भवनों को रिकार्ड में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की।
सर्वे में सामने आए करीब आठ हजार भवनों में से पांच हजार का पंजीकरण पूरा हो चुका है। वहीं करीब तीन हजार भवन अभी प्रक्रिया में हैं। पालिका की टीम इन भवनों का मौके पर सत्यापन कर रही है।
सत्यापन पूरा होने के बाद भवनों का क्षेत्रफल, उपयोग और अन्य मानकों के आधार पर कर निर्धारण किया जाएगा। वर्ष 2012 में हुए सर्वे के दौरान नगर पालिका के रिकार्ड में करीब 30 हजार मकान दर्ज थे।
वर्ष 2025-26 के सर्वे में यह संख्या बढ़कर करीब 35 हजार पहुंच गई। यानी करीब 13 वर्ष में शहर में भवनों की संख्या में लगभग पांच हजार की वृद्धि हुई। तीन हजार भवन और दर्ज होने के बाद संख्या 38 हजार पहुंच जाएगी।
इन भवनों के कर दायरे में आने से नगर पालिका की आय में भी बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में भवन कर, व्यावसायिक कर और जलकर से पालिका को करीब छह करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। ईओ आदित्य प्रकाश ने बताया कि सभी भवनों का सही तरीके से कर निर्धारण होने पर पालिका का राजस्व दोगुना तक हो जाएगा।
सर्वे में पालिका के रिकार्ड से बाहर करीब आठ हजार भवन सामने आए थे। इनमें पांच हजार भवनों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष करीब तीन हजार भवनों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद उन्हें रिकार्ड में शामिल कर नियमानुसार कर वसूला जाएगा।
- कार्तिक यादव, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका।
नगर पालिका के सर्वे में अगर ऐसी बात सामने आई है तो इन भवनों की सूची ली जाएगी। जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सचिन सिंह, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र, संभल।
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