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दुबई में छिपा है संभल हिंसा का मास्टरमाइंड! शारिक साठा पर लुकआउट नोटिस, अब कसेगा इंटरपोल का शिकंजा

Published: Fri, 21 Aug 2026 03:10 PM (IST)

संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साठा के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है, जो दुबई में छिपा ...और पढ़ें

शारिक साठा

शारिक साठा

HighLights

  1. 24 नवंबर, 2024 को साठा ने विदेश से भिजवाए थे असलहे, हिंसा में चार की हुई थी मौत

  2. 30 पुलिसकर्मी हुए थे घायल, अब रेड कार्नर नोटिस की तैयारी, खुलेगा प्रत्यर्पण का रास्ता

जागरण संवाददाता, संभल। जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा पर अब विदेश में भी शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करा दिया है। दुबई में छिपे होने की जानकारी के बीच अब पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के जरिए इंटरपोल से समन्वय कर रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की कार्रवाई की भी तैयारी कर रही है।

इसके बाद विदेश में उसकी मौजूदगी सामने आने पर स्थानीय कानून के तहत गिरफ्तारी और भारत लाने की कार्रवाई का रास्ता खुलेगा। हिंसा के दौरान पथराव, आगजनी और फायरिंग में चार लोगों की मौत हुई। 30 अधिकारी व पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में 12 मुकदमे दर्ज हुए।

सभी प्राथमिकी में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक पुत्र सुहैल इकबाल समेत 37 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि 3,750 अज्ञात लोगों का उल्लेख था। जांच में सुहैल इकबाल को क्लीन चिट दे दी गई। लेकिन, हिंसा के मास्टर माइंड के रूप में शारिक साठा का नाम सामने आया। हिंसा की न्यायिक आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश हो चुकी है।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि साठा ने हिंसा भ़ड़काने के लिए अपने गुर्गों मुल्ला अफरोज, गुलाम और वसीम को विदेशी हथियार उपलब्ध कराए थे। गुर्गों ने फायरिंग कर चार लोगों की जान ली थी। तीनों पर एनएसए(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई के साथ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।

साठा के विरुद्ध 500 पेज की एक चार्जशीट दाखिल की गई है। साठा संभल क्षेत्र में वाहन चोरी का गिरोह चलाता रहा है। पुलिस की सक्रियता से उसका दबदबा कम हो गया था। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ही उसने हिंसा कराई थी। पुलिस न्यायालय स्तर से भगोड़ा घोषित करा 21 जनवरी, 2026 को उसकी संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

पुलिस को उसके फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश जाने और दुबई में मौजूद होने की जानकारी मिलती रही है। इसी के चलते लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के बाद उसके देश में आने-जाने की निगरानी रखी जा सकेगी।

एसपी ने बताया रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के लिए पुलिस साठा के खिलाफ दर्ज मुकदमों, न्यायालय के आदेश, वारंट, उसके फरार होने और विदेश में मौजूदगी से जुड़े अभिलेख केंद्रीय एजेंसियों को उपलब्ध कराएगी। आइबी विदेश में उसकी लोकेशन, संपर्क और आवाजाही से संबंधित खुफिया इनपुट जुटाकर साझा कर सकती है।

इसके बाद सीबीआइ के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के जरिये इंटरपोल को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इंटरपोल की समीक्षा के बाद रेड कार्नर नोटिस जारी हो सकता है। जिसके बाद विदेश में साठा के मिलने पर वहां के कानून के अनुसार गिरफ्तारी होगी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करेगा।

1991 से अपराध की दुनिया में सक्रिय साठा: पुलिस के अनुसार साठा ने 1991 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और बाद में वाहन चोरी, नकली नोट, विदेशी असलहों की तस्करी समेत कई अपराधों का नेटवर्क देश-विदेश तक फैलाया।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ 64 मुकदमे दर्ज हैं। नकली नोटों की सप्लाई के मामले में उसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से संपर्क की बात भी सामने आ चुकी है।

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