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संभल हिंसा: जलाई गई कार का क्लेम खारिज करने पर फंसी बीमा कंपनी, उपभोक्ता आयोग ने ब्याज समेत दिया बड़ा फैसला

Published: Wed, 23 Sep 2026 04:59 PM (IST)

संभल हिंसा में उपद्रवियों द्वारा जलाई गई कार का बीमा दावा स्वामित्व हस्तांतरण में देरी के कारण बीमा कंपनी ने ...और पढ़ें

संभल हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा लगाई आग से जलती कार फाइल फोटो

संभल हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा लगाई आग से जलती कार फाइल फोटो

HighLights

  1. स्वामित्व हस्तांतरण में देरी का हवाला देकर बीमा कंपनी ने खारिज किया था दावा

संवाद सहयोगी, संभल। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में उपद्रवियों द्वारा मस्जिद के नजदीक खड़ी कार में आग लगा दी गई थी लेकिन, बीमा कंपनी ने स्वामित्व हस्तांतरण में देरी का हवाला देकर बीमा का दावा खारिज कर दिया था।

अब वाहन स्वामी ने जिला उपभोक्ता प्रतिताेष आयोग का दरवाजा खटखटाया तो आयोग ने बीमा कंपनी को 3,32,991 रुपये की बीमा राशि सात प्रतिशत ब्याज समेत अदा करने का आदेश दिया। साथ ही 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय भी देना होगा।

उपभोक्ता मामलों के अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय ने बताया कि नगर के मुहल्ला कोटगर्वी जामा मस्जिद निवासी हसन जमाल 23 नवंबर 2024 को अपने पिता जमालुद्दीन से मिलने दिल्ली से संभल आए थे।

उन्होंने अपनी स्कोडा कार को जामा मस्जिद के पीछे वाले मार्ग पर पिता की लकड़ी की दुकान के सामने खड़ा किया था। कार कुछ दिन पहले ही दिल्ली निवासी इतिमाता से खरीदी गई थी। स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित फीस और दस्तावेज भी जमा किए जा चुके थे।

इसी बीच जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान क्षेत्र में हिंसा भड़क गई। इसी दौरान उपद्रवियों ने जामा मस्जिद के पास खड़ी हसन जमाल की कार में आग लगा दी थी, जिसमें कार पूरी तरह जल गई।

फिर वाहन स्वामी ने बीमा कंपनी से बीमा राशि की मांग की, लेकिन ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने वाहन का स्वामित्व निर्धारित अवधि में स्थानांतरित नहीं होने का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया।

इस क्रम में कार स्वामी के अधिवक्ता ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग संभल में परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की ओर से जारी अधिसूचना का हवाला दिया।

इसमें वाहन के पंजीयन प्रमाणपत्र में पूर्व स्वामी से क्रेता के नाम हस्तांतरण की तिथि से बीमा पालिसी में नाम परिवर्तन के लिए 14 दिन की अवधि निर्धारित होने की बात कही गई।

आयोग ने वाहन स्वामी की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमति जताते हुए बीमा कंपनी को दो माह के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार 3,32,991 रुपये की बीमा राशि पर सात प्रतिशत ब्याज, 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय भी वाहन स्वामी को देने के निर्देश दिए।

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