यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
1978 संभल दंगे के आठ मुकदमे मुलायम सरकार ने लिए थे वापस, DM को लिखा पत्र अब आया सामने... दोबारा होगी जांच?
1978 के संभल दंगों से जुड़े 16 में से 8 मुकदमे तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने वापस ले लिए ...और पढ़ें

HighLights
- 1978 दंगे के 16 में आठ मुकदमे सरकार ने लिए थे वापस
- संभल के दंगे का कोई मुकदमा नहीं पहुंच सका था सजा तक
- कई गवाहों के मुकरने से हो गए थे खत्म, जुटाई जा रही जानकारी
जागरण संवाददाता, संभल। विभिन्न अदालतों में विचाराधीन 1978 दंगे के 16 में से आठ मुकदमों को तत्कालीन मुलायम सरकार ने वापस लिया था। अन्य मुकदमे पैरवी के अभाव व गवाहों के मुकरने से खत्म हो गए थे। शासन द्वारा 23 दिसंबर, 1993 को डीएम मुरादाबाद को लिखा पत्र सामने आया है, जिसमें वापस लेने वाले मुकदमों की बिंदुवार जानकारी दी गई है।
पांच जनवरी, 1994 को तत्कालीन जिला शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में शासन के मुकदमे वापस लेने का पत्र दिया था। हालांकि, शासन के पत्र के बारे में कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं है। संभल में 29 मार्च, 1978 को हिंसा भड़की थी। दंगे के दौरान कई हिंदुओं को जिंदा जला दिया था।
मंदिर मिलने के बाद से दोबारा हुई थी हिंसा
इसके बाद सैकड़ों हिंदू परिवारों ने पलायन कर दिया। 14 दिसंबर, 2024 को खग्गू सराय में शिव मंदिर मिलने के बाद दंगा फिर सुर्खियों में आ गया है। यह मंदिर 1978 में हिंदू परिवारों के पलायन करने के बाद से बंद चल रहा था। विधान परिषद में मामला उठने के बाद शासन ने जिला प्रशासन से दंगे की रिपोर्ट तलब की है।
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अधिकारी मुकदमों की फाइलों के बारे में पता कर रहे हैं। पता चला है कि मुकदमे तत्कालीन मुलायम सरकार ने 1994 में वापस लिए थे। उस समय संभल मुरादाबाद जिले का हिस्सा था। शासन स्तर से मुकदमा वापसी का पत्र भी डीएम मुरादाबाद के लिए आया था।
आदेश में मुकदमा अपराध संख्या- 89/78 एस. टी. नं. 402/78 राज्य बनाम मुनाजिर आदि, अपराध संख्या- 105/78 का मुकदमा राज्य बनाम इरफान आदि, अपराध संख्या 110/78 का राज्य बनाम इरफान का ही मुकदमा, अपराध संख्या- 113/78 राज्य बनाम गिनजार हुसैन आदि शामिल है।
संभल जिला प्रशासन शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रहा है। शासन स्तर से दोबारा जांच के भी आदेश हो सकते हैं। इसके अलावा कई पीड़ितों के परिजन मुकदमा दोबारा शुरू कराने की भी तैयारी कर रहे हैं।
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