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कागजों में आठ गरीब अब हुए ‘जिंदा’, राशन डीलर के पति-बेटे का AAY कार्ड निरस्त; पीड़ित बोले- शुक्रिया दैनिक जागरण

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:10 PM (IST)

संभल में सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाए गए आठ गरीबों के नाम राशन कार्ड में बहाल कर दिए गए हैं। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. आठ गरीबों के राशन कार्ड में नाम बहाल किए गए।

  2. दैनिक जागरण की खबर के बाद विभाग ने कार्रवाई की।

  3. डीलर के पति-बेटे का अंत्योदय कार्ड निरस्त हुआ।

जागरण संवाददाता, संभल। सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाकर राशन कार्ड से नाम काटे गए सौंधन की मिलक गांव के आठ गरीब अब कागजों में जीवित हो गए हैं। पूर्ति विभाग ने अभिलेखों में दर्ज कमियों को दूर करते हुए सभी के नाम राशन कार्ड में दोबारा जोड़ दिए हैं। उनके यूनिट भी बहाल कर दिए गए हैं।

वहीं, राशन डीलर गंगावती के पति दौलतराम और बेटे शिव कुमार के नाम दर्ज अंत्योदय राशन कार्ड से उनके नाम भी हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई दैनिक जागरण की खबर प्रकाशित होने के बाद हुई।

तीन साल से लगा रहे थे चक्कर

राशन कार्ड सत्यापन के दौरान प्रेम शंकर, योगेंद्र, सत्येंद्र, प्रमोद, बनी सिंह, सुभाष, विजय प्रताप और गोविंद राय को अभिलेखों में मृत दर्शाकर राशन कार्ड से नाम काट दिए गए थे। इनमें कई परिवार भूमिहीन और गरीब हैं। नाम कटने के बाद कोई एक तो कोई तीन साल से राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था।

अभिलेखों में मृत्यु दर्ज होने के कारण उनका नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पा रही थी। 16 सितंबर के अंक में दैनिक जागरण ने इस मामले को हकीकत में जिंदा... सरकारी सिस्टम में मृत दर्शा छीना राशन शीर्षक से खबर को पहले पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित कर उठाते हुए राशन कार्ड सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

राशन कार्ड से जोड़ा, यूनिट भी बहाल

खबर प्रकाशित होने के बाद पूर्ति विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और अभिलेखों की जांच कराई। जांच के बाद सभी आठ लोगों की कमियां दूर करते हुए उन्हें राशन कार्ड से जोड़ दिया गया और उनके यूनिट भी बहाल कर दिए गए।

पूर्ति निरीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि अभिलेखों में जो कमियां थीं, उन्हें दूर कर सभी संबंधित लोगों के नाम राशन कार्ड में जोड़ दिए गए हैं। राशन डीलर के पति दौलतराम और बेटे शिव कुमार के नाम दर्ज अंत्योदय कार्ड से उनके नाम हटा दिए गए हैं। इससे प्रभावित गरीब परिवारों को अब फिर से सरकारी खाद्यान्न का लाभ मिल सकेगा।

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