संभल के परतापुर में दहशत: 14 दिनों में 9 मौतें, जलभराव और गंदगी के बीच फूटा संक्रामक रोग का खतरा!
बहजोई के परतापुर गांव में 14 दिनों के भीतर 9 लोगों की मौत से दहशत फैल गई है। गांव में ...और पढ़ें

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11 से 19 सितंबर के बीच पांच गई जान; जलभराव और गंदगी से संक्रामक रोग की आशंका
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। बहजोई क्षेत्र के गांव परतापुर में चार मौतों के बाद पांच और लोगों की मृत्यु हो गई है। इससे 14 दिन में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत है और गांव में जलभराव व गंदगी के चलते संक्रामक रोग फैलने की आशंका जताई जा रही है। चार सितंबर को पवन और बाबूराम और सात सितंबर को कांति देवी व ऊषा की मृत्यु हुई थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर 88 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। जांच में नजला, खांसी और बुखार के 46, शरीर में दर्द के 24 और सांस संबंधी रोग के 18 मरीज मिले थे।
विभागीय जांच के अनुसार बाबूराम की मृत्यु टीबी, पवन की लीवर संबंधी बीमारी और पेट में पानी भरने, कांति देवी की टीबी व सांस की गंभीर बीमारी और ऊषा देवी की टीबी व सांस संबंधी बीमारी के कारण हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों को किसी संक्रामक रोग से जोड़ने से इन्कार किया था। लगातार मौतों के बीच गांव में साफ-सफाई को लेकर पंचायत सचिव की लापरवाही भी सामने आई थी। डीएम के निर्देश पर पंचायत सचिव विमल कुमार को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद अब 11 सितंबर को कलावती, 13 सितंबर को अनारकली, 14 सितंबर को करीब डेढ़ माह के दिव्यांश, 18 सितंबर को महावीर और 19 सितंबर को जय देवी की मृत्यु हो गई। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी है।
नालियां चोक होने से पानी जमा है और मच्छरों का प्रकोप भी बना हुआ है। सीएमओ डाॅ. तरुण पाठक ने बताया कि गांव में जलभराव और गंदगी की समस्या है। इसकी जानकारी पंचायती राज विभाग को पहले ही दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप लगाकर जांच कर चुकी है। अब तक हुई मौतों में अधिकतर उम्रदराज लोग हैं और मौतें स्वाभाविक रूप से या किसी प्रमुख अंग के फेल होने के कारण हुई हैं। पंचायती राज विभाग को यहां साफ सफाई करनी चाहिए।
