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सपा विधायक की वक्फ जमीन पर बनी 3 मंजिला इमारत होगी ध्वस्त, 16 साल बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन

Published: Thu, 20 Aug 2026 08:04 PM (IST)

संभल में सपा विधायक इकबाल महमूद की वक्फ जमीन पर बने तीन मंजिला अवैध मकान को ध्वस्त करने का आदेश ...और पढ़ें

मकान के गेट पर चस्पा नोटिस फाड़े और बिना नक्शा के बना तीन मंजिल मकान जागरण

मकान के गेट पर चस्पा नोटिस फाड़े और बिना नक्शा के बना तीन मंजिल मकान जागरण

HighLights

  1. विधायक का तर्क-दादा ने किया था वक्फ, अधिकारी बोले-बिना नक्शा के साथ वक्फ की अनुमति भी नहीं ली गई निर्माण के लिए

जागरण संवाददाता, संभल। मुहल्ला डेरा सराय में डेढ़ सौ वर्ग मीटर से अधिक भूमि में बिना नक्शे के बना तीन मंजिल अवैध मकान के प्रकरण में वक्फ के नियमों को भी तोड़ा गया है। नियमानुसार अगर, किसी वक्फ की संपत्ति पर निर्माण कराना होगा तो उससे पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति ली जाएगी।

मगर, इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। जिस जमीन पर यह मकान बना हुआ है, उसके मुतवल्ली (मालिक) सपा विधायक इकबाल महमूद हैं। इन्हीं के द्वारा 2010 में यह जमीन अपने करीबी आरिफ को दी गई थी।

बाद में आरिफ के द्वारा इस भूमि पर तीन मंजिल मकान बनाया गया है। हालांकि न्यायालय में सुनवाई के दौरान विधायक द्वारा इस जमीन के विषय में कोई भी दावा नहीं दिया गया। इसलिए मकान को अवैध मानते हुए अब उसे ध्वस्त करने के नोटिस चस्पा किए गए हैं।

दरअसल, तत्कालीन अवर अभियंता दीवान सिंह विनियमित क्षेत्र की 20 जून 2022 की आख्या के अनुसार मोहम्मद आरिफ, किरायेदार अय्यूब अहमद और मुतवल्ली नवाब इकबाल महमूद निवासी डेरा सराय द्वारा डेढ़ सौ वर्ग मीटर से अधिक भूमि में तीन मंजिल भवन का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए पूरा करा लिया था।

26 जून 2022 को ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वाद दर्ज किया गया। वाद की सुनवाई के बाद पांच फरवरी 2026 को आदेश पारित किया गया। जिसके तहत संपूर्ण निर्माण को अवैध घोषित किया गया था, निर्माण को आरबीओ एक्ट की धारा 10 के अंतर्गत गिराने के आदेश पारित किए गए।

इस मामले में आदेश के विरुद्ध 17 मार्च 2026 को नियंत्रक प्राधिकारी डीएम के न्यायालय में अपील की गई। डीएम न्यायालय के 11 अगस्त के आदेश के तहत अपील खारिज कर अवैध निर्माण को गिरने के आदेश को यथावत रखा गया।

इसके बाद अब नियत प्राधिकारी एसडीएम ने 18 अगस्त को मोहम्मद आरिफ व अन्य आदि को भवन निर्माण को गिराए जाने का नोटिस जारी करते हुए चस्पा करवा दिया, जिसमें 15 दिन का समय दिया है। अगर निर्माण नहीं गिराया तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी।

विनियमित क्षेत्र के जेई सचिन सिंह का कहना है कि जब डीएम न्यायालय में इस प्रकरण में सुनवाई चल रही थी कि तो मकान स्वामी या भूमि स्वामी की तरफ से कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए। न ही मुतवल्ली इकबाल महमूद की तरफ से कोई दावा किया गया।

वक्फ में जमीन दर्ज होने की बात सुनी है मगर, मुतवल्ली की तरफ से कोई भी कागजात वक्फ रिकार्ड के पेश नहीं किए गए हैं। अगर, यह जमीन वक्फ की मानी भी जाए तो फिर इस पर निर्माण क्या वक्फ की अनुमति लेकर हुआ है, यह भी दिखवाया जाएगा।

बिना अनुमति के निर्माण नहीं कराया जा सकता है। सुनवाई के दौरान मकान स्वामी आरिफ की तरफ से उर्दू में लिखी एक किराया पर्ची पेश की गई है। जो, 2020 की है और 2400 रुपये किराया दर्शाया गया है। बाकी किराया नामा भी नहीं मिला है।

2010 में किराये पर दी जमीन, दादा ने किया था वक्फ : विधायक

मकान के प्रकरण में विधायक इकबाल महमूद ने बताया कि जिस जमीन पर तीन मंजिला मकान बना हुआ है। वो, जमीन वक्फ-अल-औलाद के तहत उनके दादा नवाब मोहम्मद आशक हुसैन खां के द्वारा करवाया गया था। इसके बाद करीब 2010 में यह जमीन उन्होंने आरिफ को दी गई है। मकान का निर्माण आरिफ के द्वारा ही करवाया गया है। उनका नोटिस से कुछ मतलब नहीं है।

जमीन पर अय्यूब पक्ष का भी दावा

जिस डेरा सराय में डेढ़ सौ वर्ग मीटर से अधिक भूमि में तीन मंजिला मकान बना हुआ है। इस जमीन को अय्यूब पक्ष द्वारा भी अपना बताते हुए दावा किया गया है। जबकि विधायक इकबाल महमूद संबंधित भूमि को दादा के द्वारा वक्फ करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में अब प्रशासन इस प्रकरण की जांच भी करेगा।

 

नोटिस चस्पा कर 15 दिन का समय दिया गया है। बाकी यह जमीन वक्फ की है, इसकी भी जांच कराई जा रही है। दिखवाया जाएगा कि भवन निर्माण के लिए अनुमति ली गई या नहीं। बाकी इस भवन निर्माण से जुड़े कोई संतोषजनक कागजात नहीं मिली हैं।

- अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।


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