संभल: बिना नक्शा बने तीन मंजिला भवन को ढहाने का आदेश, डीएम कोर्ट से अपील खारिज होते ही पुलिस ने चिपकाया नोटिस
संभल के डेरा सराय में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बने तीन मंजिला अवैध भवन को गिराने का नोटिस जारी किया ...और पढ़ें

नोटिस चस्पा करते पुलिसकर्मी
HighLights
डीएम के न्यायालय में हुई अपील खारिज, एसडीएम के भवन गिराने के आदेश को यथावत रखा गया
जागरण संवाददाता, संभल। मुहल्ला डेरा सराय में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भवन का निर्माण किए जाने के मामले में नियत प्राधिकारी एसडीएम विकास चंद्र ने मोहम्मद आरिफ व अन्य आदि को भवन को गिराए जाने के लिए नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उत्तर प्रदेश (निर्माण विनियमन) अधिनियम 1958 की धारा 10 के अधीन निर्माण को गिराने के आदेश के बाद दिया गया है। जिसके तहत निर्माण गिराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। पुलिस ने भवन पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र की 20 जून 2022 की आख्या के अनुसार, मोहम्मद आरिफ, किरायेदार अय्यूब अहमद और मुतवल्ली नवाब इकबाल महमूद निवासी डेरा सराय द्वारा डेढ़ सौ वर्ग मीटर से अधिक भूमि में तीन मंजिल भवन का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए पूरा करा लिया।
26 जून को ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वाद दर्ज किया गया। वाद की सुनवाई के बाद पांच फरवरी 2026 को आदेश पारित किया गया। जिसके तहत संपूर्ण निर्माण को अवैध घोषित किया गया। निर्माण को आरबीओ एक्ट की धारा 10 के अंतर्गत गिराने के आदेश पारित किए गए।
इस मामले में आदेश के विरुद्ध 17 मार्च 2026 को नियंत्रक प्राधिकारी डीएम के न्यायालय में अपील की गई। डीएम न्यायालय के 11 अगस्त के आदेश के तहत अपील खारिज कर अवैध निर्माण को गिरने के आदेश को यथावत रखा गया।
इसके बाद नियत प्राधिकारी एसडीएम ने 18 अगस्त को मोहम्मद आरिफ व अन्य आदि को भवन निर्माण को गिराए जाने का नोटिस जारी किया। बुधवार को राससत्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भवन पर नोटिस चस्पा कर दिया। एसडीएम का कहना रहा कि नोटिस जारी कर निर्माण गिराने के लिए 15 दिन का समय दिया है। अगर निर्माण नहीं गिराया गया तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में विधायक का नाम भी हुआ शामिल
अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र 20 जून 2022 को भवन का निरीक्षण कर आख्या दी थी। जिसके आधार पर विधायक इकबाल महमूद का नाम भी नोटिस में शामिल कर लिया गया है। उन्हें मुतवल्ली बताया गया।
हालांकि जिस भवन को लेकर कार्रवाई चली है, वह न तो मदरसे से संबंधित है और न ही मस्जिद से। ऐसे सवाल यह है कि उस वक्त नोटिस में इकबाल महमूद को किस तरह मुतवल्ली दर्शा दिया गया।
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