पहाड़ों में बारिश से उफनी गंगा: डूबने लगे खेत, संभल के इन 42 गांवों के 80 हजार लोगों की बढ़ी धड़कनें
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे ...और पढ़ें

उफान पर बहता गंगा का पानी। जागरण
HighLights
जलस्तर में वृद्धि से किसानों की बढ़ रही चिंता, आने वाले दिनों में और बिगड़ेंगे हालात
जागरण संवाददाता, गुन्नौर (संभल)। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से पानी छोड़ने के कारण गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अब गंगा किनारे के निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। जिससे तहसील क्षेत्र के 42 गांवों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विकास खंड गुन्नौर के गांव इसमपुर डांडा के पास गंगा का पानी ईख के खेतों में प्रवेश करने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार को दोपहर दो बजे तक चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज, नरौरा पर गंगा का डाउन स्ट्रीम जलस्तर 177.62 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 178.765 मीटर है। बैराज से 67,201 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। बैराज क्षेत्र में शनिवार को वर्षा नहीं हुई लेकिन, पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार पानी आने के कारण गंगा का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है।
गंगा किनारे बसे गांवों के किसानों ने बताया कि पानी लगातार खेतों की ओर बढ़ रहा है। यदि अगले कुछ दिनों में जलस्तर और बढ़ा तो ईख समेत अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एसडीओ सिंचाई विभाग अंकित सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव पर विभाग की नजर बनी हुई है।
इन स्थानों पर स्थापित की गई हैं बाढ़ चौकियां
प्राथमिक स्कूल बझांगी, चिरवारा, सिंघोला पुख्ता, रघुपुर पुख्ता, काशीपुर व मरकावणी, जूनियर हाईस्कूल खिरकवारी टप्पावैश्य व रसूलपुर, प्राथमिक स्कूल मिठनपुर, ईशमपुर डांडा, असदपुर, बिचपुरी सैलाब, शाहजहानबाद, बसंतपुर डांडा, चाऊपुर डांडा तथा प्राथमिक स्कूल जिजोड़ा डांडा में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
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