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संभल में मकान मालिकों को बड़ी राहत: गृहकर में छूट का आखिरी मौका, GIS सर्वे से बदलेंगे हाउस टैक्स के नियम

Published: Wed, 21 Oct 2026 06:28 PM (IST)

संभल में कर निर्धारण अधिकारी कार्तिक यादव ने गृहकर और जलकर संबंधी समस्याओं का समाधान किया, जिसमें ओटीएस योजना और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दैनिक जागरण के प्रश्न पहर में कर निर्धारण अधिकारी कार्तिक यादव ने दिए लोगों के सवालों के जवाब

संवाद सहयोगी, संभल। नगर पालिका के गृहकर और जलकर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दैनिक जागरण के प्रश्न पहर कार्यक्रम में कर निर्धारण अधिकारी कार्तिक यादव ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने ओटीएस योजना, नए मकान को पालिका में दर्ज कराने, नाम संशोधन और शुरू होने वाली जीआईएस सर्वे से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

बताया कि ओटीएस योजना का लाभ लेने को अब तक 804 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 673 का निस्तारण किया जा चुका है। योजना के तहत अब तक 22 लाख 58 हजार रुपये जमा कराए जा चुके हैं, जबकि बकायादारों को चार लाख 46 हजार रुपये की छूट दी जा चुकी है।

कार्तिक यादव_ संभल अधिकारी प्रोफ़ाइल

उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने और बकाया कर समय से जमा करने की अपील की। साथ ही बताया कि जीआईएस सर्वे के माध्यम से मकानों का विवरण जुटाया जाएगा, जिससे कर निर्धारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा।

प्रश्न : ओटीएस योजना का लाभ किन लोगों को मिल सकता है और इसके लिए आवेदन कहां करना होगा। - विकास, हल्लू सराय

उत्तर : ओटीएस योजना के तहत सभी करदाता लाभ ले सकते हैं। आवेदन के लिए नगर पालिका के कर विभाग से संपर्क करें और योजना की शर्तें जानकर बकाया जमा करें।

प्रश्न : मैंने अपना नया मकान बनवाया है। नगर पालिका के रिकार्ड में इसे दर्ज कराने के लिए कौन से दस्तावेज देने होंगे। - रिंकू हयातनगर

उत्तर : नए मकान को पालिका के अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए कर विभाग में आवेदन करें। मकान के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज जमा कराकर आगे की प्रक्रिया पूरी करें। एक हफ्ते में नाम दर्ज हो जाएगा।

प्रश्न : मैंने मकान खरीदा था और मकान का गृहकर दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज है। अभिलेखों में अपना नाम दर्ज कराने के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी। - शराफत, चौधरी सराय

उत्तर : मकान के नाम में संशोधन के लिए नगर पालिका के कर विभाग में प्रार्थनापत्र दें। स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार अभिलेखों में संशोधन किया जाएगा।

प्रश्न : नगर पालिका जीआईएस सर्वे क्यों कराने जा रही है। क्या इससे शहर के सभी मकानों के गृहकर का दोबारा निर्धारण होगा। -अजीत, हल्लू सराय

उत्तर : जीआईएस सर्वे से मकानों की स्थिति और विवरण जुटाए जाएंगे। इससे पालिका के रिकार्ड को व्यवस्थित करने और कर निर्धारण में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

प्रश्न : मेरे मकान का गृहकर बहुत ज्यादा आ रहा है। कर निर्धारण गलत लगने पर शिकायत कहां करें और समाधान कैसे होगा। - विपिन, मुहल्ला ठेर

उत्तर : गृहकर की गणना गलत लगने पर नगर पालिका कार्यालय आकर लिखित आपत्ति दें। मकान के अभिलेखों और कर निर्धारण की जांच के बाद नियमानुसार समाधान किया जाएगा।

प्रश्न : मकान बेचने या खरीदने के बाद नगर पालिका के रिकार्ड में नए मालिक का नाम दर्ज कराना जरूरी है। इसकी प्रक्रिया क्या है। -प्रियांशु, हातिम सराय

उत्तर : मकान की खरीद-बिक्री के बाद पालिका के रिकार्ड में नाम संशोधन कराना जरूरी है। इसके लिए रजिस्ट्री और अन्य स्वामित्व दस्तावेजों के साथ कर विभाग में आवेदन करें।

प्रश्न : यदि गृहकर या जलकर का पुराना बकाया है तो क्या ओटीएस योजना में छूट मिल सकती है। इसकी जानकारी कैसे मिलेगी। - मौसम, आलम सराय

उत्तर : ओटीएस का लाभ निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार मिलता है। अपने बकाया कर का विवरण लेकर पालिका के कर विभाग में संपर्क करें और छूट की जानकारी प्राप्त करें।

प्रश्न : मेरे मकान का गृहकर अभी तक निर्धारित नहीं हुआ है। कर निर्धारण कराने और बिल जारी करवाने के लिए मुझे क्या करना होगा। - दिनेश बरेली सराय

उत्तर : मकान का गृहकर निर्धारित कराने के लिए पालिका के कर विभाग में आवेदन करें। मकान से संबंधित दस्तावेज का विवरण उपलब्ध कराएं, जांच के बाद मकान पालिका के रिकार्ड में दर्ज हो जाएगा।

जागरण के पांच सवाल

1 : पहली बार ओटीएस योजना लागू की गई है। इसकी जरूरत क्यों पड़ी और इससे करदाताओं को क्या लाभ मिलेगा?

शासन ने सभी नगर निकायों में बकाया कर की प्रभावी वसूली, करदाताओं को राहत देने और न्यायालयों में चल रहे वादों को कम करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की है।

इसके तहत बड़े बकायेदारों को ब्याज में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। इससे करदाताओं को राहत मिलने के साथ पालिका की आय भी बढ़ेगी।

2 : नगर पालिका सीमा में स्थित सरकारी कार्यालयों पर कितना बकाया था? इसकी वसूली के लिए क्या कार्रवाई की गई?

वर्ष 2024 से पहले संभल में विभिन्न सरकारी विभागों पर करीब 83 लाख रुपये का कर बकाया था। कुछ विभागों ने धनराशि जमा कर दी थी। वर्ष 2025 में बकायेदार विभागों को नोटिस भी जारी किए गए। इसके बाद सभी विभागों ने बकाया जमा कर दिया। अब समय से कर वसूली के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जाता है।

3 : शहर की नई कालोनियों में बने मकानों का गृहकर निर्धारित कराने और उन्हें पालिका के रिकार्ड में दर्ज कराने की क्या प्रक्रिया है?

नई कालोनियों में मकान बनवाने वाले लोग नगर पालिका में प्रपत्र क और ख भरकर जमा कर सकते हैं। इसके साथ मकान से संबंधित जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। आवेदन और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने पर जांच के बाद करीब एक सप्ताह में मकान पालिका के रिकार्ड में दर्ज किया जा सकता है।

4 : शहर में ऐसे कितने मकान हैं, जो अभी तक नगर पालिका के रिकार्ड में दर्ज नहीं थे? इनके सर्वे की क्या स्थिति है?

शहर में अपंजीकृत मकानों को चिह्नित करने के लिए वर्ष 2025 से लगातार सर्वे कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक आठ हजार नए मकान पालिका के रिकार्ड में दर्ज किए जा चुके हैं। सर्वे की प्रक्रिया हर तीन महीने में चलती रहती है, जिससे छूटे हुए मकानों को रिकार्ड में शामिल किया जा सके।

5 : शहर में जीआईएस सर्वे कब शुरू होगा और इससे भवन स्वामियों को क्या लाभ मिलेगा?

जून में हुई पालिका की बोर्ड बैठक में जीआईएस सर्वे का प्रस्ताव पास हो चुका है। जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद लखनऊ की टीम शहर के भवनों और प्रतिष्ठानों का सर्वे करेगी।

सर्वे पूरा होने पर भवन स्वामी ई-नगर ऐप के माध्यम से अपने भवन से संबंधित दस्तावेज आनलाइन देख सकेंगे और घर बैठे कर जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।

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