उर्स मेले से उठाकर दिल्ली में करते थे मासूमों का सौदा, संभल में बच्चा चोरी गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार
संभल पुलिस ने उर्स मेले से बच्चों को उठाकर दिल्ली में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ...और पढ़ें

बहजोई में बच्चा चोरी करने वाली गिरोह का पर्दाफाश करते एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई।
HighLights
संभल में बच्चा चोरी गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार।
उर्स मेले से मासूमों का अपहरण कर दिल्ली में बेचते थे।
गिरोह में दिल्ली की एक नर्स भी शामिल थी।
संवाद सहयोगी, बहजोई। उर्स मेले से मासूमों को उठाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें दिल्ली की एक नर्स भी शामिल है। गिरोह के बदमाशों द्वारा मेले से चोरी एक बच्चे को पांच लाख में बेचा गया था जबकि दूसरे के अपहरण में असफल रहने पर गांव के बाहर छोड़ दिया गया। गिरोह के तार रामपुर के एक दंपति से भी जुड़े मिले हैं।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव ओबरी में पांच से 10 अगस्त के बीच उर्स मेला लगा था। पांच अगस्त को ही गांव ओबरी निवासी सलमान का बेटा उवेश मेले से लापता हो गया था। इसक बाद नौ अगस्त को गांव वराही, थाना हजरतनगर गढ़ी निवासी चार वर्षीय सुलेमान भी लापता हो गया।
एक के बाद एक दो बच्चों के लापता होने पर पुलिस के कान खड़े हुए तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली गईं। जांच के दौरान एक संदिग्ध बाइक का पीछा करते हुए पुलिस करीब 80 किमी दूर मुरादाबाद पहुंची। वहां एक कार के जरिए दिल्ली तक नेटवर्क की कड़ी मिली।
इसी बीच पुलिस के दबाव के चलते गिरोह ने सुलेमान को मेले के बाहर छोड़ दिया, जिसे सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो शुक्रवार को गिरोह के छह लोग हत्थे चढ़ गए।
पुलिस ने मुरादाबाद के थाना कुंदरकी के मोहल्ला सादात निवासी फैसल, संभल के गांव असरफपुर निवासी फरीद, मुरादाबाद के पाकबड़ा निवासी शमशाद समेत दिल्ली के नार्थ ईस्ट प्रेमविहार निवासी कोमल और दिल्ली के नार्थ ईस्ट इलाके के अशोक नगर निवासी वंदना जैन को दबोच लिया। दिल्ली के शिवविहार फेज-10 की गुड्डी को भी पकड़ा गया।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गिरोह मांग के अनुसार बच्चों का सौदा तय करता था और ऐसे कम उम्र के बच्चों को निशाना बनाया जाता था जो अपनी पहचान बताने की स्थिति में न हों।
पूछताछ में सामने आया कि पांच अगस्त को उवेश को दिल्ली ले जाकर कोमल और वन्दना जैन को सौंपा गया। इसके बदले दो लाख 40 हजार रुपये गिरोह के लोगों को दिए गए। इसके बाद वन्दना के माध्यम से गुड्डी और उसके पति विनोद से बच्चे का पांच लाख रुपये में सौदा करके बेच दिया। बाद में बच्चे का नाम व धर्म बदलकर केशव कर दिया।
कोमल, आईवीएफ क्लिनिक में नर्स के रूप में काम करती है और संतानहीन लोगों की मांग के अनुसार बच्चों की व्यवस्था करने वाले नेटवर्क से जुडी थी। वन्दना पर गोद लेने की प्रक्रिया के बिना बच्चों को दूसरे परिवारों तक पहुंचाने का आरोप है।
खास बात यह है कि कोमल ही, रामपुर के थाना खजुरिया क्षेत्र के गांव ऊधमपुरा निवासी सलमान उर्फ सुल्तान और उसकी पत्नी साजिया के साथ नेटवर्क से जुड़ी है। सलमान और साजिया फरार हैं।
पूछताछ में गिरोह से जुड़े लोगों ने पहले भी तीन बच्चों को चोरी कर बेचने की बात बताई है, हालांकि ये बच्चे कहां से चोरी किए गए और उन्हें किसे बेचा गया, इसकी जानकारी अभी पुलिस के सामने नहीं आई है।
कार्रवाई में असमोली थाना पुलिस के साथ एसओजी लाइंस और सर्विलांस टीम शामिल रही। एसपी ने प्रत्येक टीम को 10-10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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