आंगनबाड़ी भर्ती फर्जीवाड़ा: पहले रद्द होंगे फर्जी आय प्रमाण पत्र, फिर छिनेगी नौकरी; 11 पर गिरेगी गाज
संभल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में कम आय दिखाकर नौकरी पाने के 11 मामलों में डीएम ने सख्त कार्रवाई के ...और पढ़ें

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HighLights
46 से 48 हजार रुपये वार्षिक आय दिखाकर हासिल की नौकरी, सत्यापन में खुली पोल
11 मामलों में आवेदक और लेखपाल की भूमिका की होगी गहन जांच
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में कम आय दर्शाकर वरीयता हासिल करने के मामले में डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए 11 संदिग्ध आय प्रमाण पत्रों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित तहसील को निर्देशित किया गया है कि इन सभी मामलों की गहराई से जांच कर यह भी पता लगाया जाए कि वास्तविक आय छिपाकर गलत जानकारी आवेदकों ने दी थी या फिर किसी लेखपाल ने जानबूझकर गलत रिपोर्ट लगाकर आय प्रमाण पत्र जारी किए।
जांच में जिम्मेदारी तय होने के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिसमें डीएम ने तत्काल आय प्रमाण पत्र निरस्त करने के बाद रिपोर्ट आइसीडीएस विभाग को देने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद संबंधित की नियुक्तियां निरस्त करके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
दरअसल, एकीकृत बाल विकास विभाग में इसी वर्ष 203 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के लिए दो हजार से अधिक आवेदन आए थे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरित कर दिए गए और चयनित कार्यकर्ताओं ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।
इसके बाद प्राप्त शिकायतों के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के आय प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। जांच में तहसील संभल के 11 मामलों में प्रमाण पत्रों में दर्शाई गई आय और सत्यापन में सामने आई वास्तविक आय में अंतर मिला। इन प्रमाण पत्रों में वार्षिक आय 42 हजार से 48 हजार रुपये तक दर्शाई गई थी।
आइसीडीएस विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन के आधार पर एसडीएम संभल ने सभी 11 आय प्रमाण पत्रों को निरस्त किए जाने की रिपोर्ट एडीएम को भेजी थी। अब डीएम के निर्देश पर संबंधित तहसील इन प्रमाण पत्रों को नियमानुसार निरस्त करने के साथ पूरे मामले की जांच करेगी।
इसमें यह भी देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र जारी करने से पहले संबंधित लेखपाल ने किन अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट लगाई थी। यदि आवेदक द्वारा जानबूझकर आय छिपाने या गलत जानकारी देने की पुष्टि होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होगी।
डीएम के अनुसार आय प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद इसकी रिपोर्ट एकीकृत बाल विकास विभाग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां भी निरस्त की जाएंगी। कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग के निदेशालय और शासन को भी प्रेषित की जाएगी।
नियुक्तियां निरस्त होने के बाद संबंधित पद रिक्त किए जाएंगे और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया होगी। वहीं जांच में यदि किसी लेखपाल की लापरवाही, मिलीभगत या जानबूझकर गलत रिपोर्ट देने की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि गलत आय दर्शाकर वरीयता हासिल करने से वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। अब जांच में यह सामने आएगा कि गलत आय प्रमाण पत्र जारी होने के पीछे किसकी भूमिका रही और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
आय प्रमाण पत्रों की गहन जांच हो गई है और उन्हें निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदक ने तथ्य छिपाए हैं या लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाई है, इसकी जांच होगी। प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद संबंधित नियुक्तियां भी निरस्त की जाएंगी। पूरी रिपोर्ट निदेशालय और शासन को भेजी जाएगी।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।
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