डिजिटल हाउस अरेस्ट कर रिटायर्ड दारोगा से ठगे 16 लाख, RBI अफसर बन साइबर अपराधियों ने दी थी ये धमकी
साइबर ठगों ने आरबीआई अधिकारी बनकर चंदौसी के एक रिटायर्ड दारोगा को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 16 लाख रुपये ठगे, ...और पढ़ें

डिजिटल हाउस अरेस्ट के शिकार सेवानिवृत्ति दारोगा नरेंद्र कुमार को छह लाख रकम वापसी का पत्र देते एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी।
HighLights
बोले- घर बाहर निकलने पर दी गई थी जान से मारने की धमकी, 14 अगस्त को दो खातों में ट्रांसफर कराई रकम
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। आरबीआई अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने चंदौसी के एक रिटायर्ड दारोगा को डिजिटल हाउस अरेस्ट किया था, जिन पर एटीएम कार्ड से आतंकियों के लिए हथियार खरीदने का आरोप लगाकर डर दिखाया, फिर दो दिन बाद 16 लाख रुपये मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दो खातों में ट्रांसफर कराए। शिकायत पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लाख रुपये वापस करा दिए है।
दरअसल, चंदौसी के मोहल्ला धोबियान निवासी सेवानिवृत्त दारोगा नरेंद्र कुमार के पास 12 अगस्त को भारतीय मोबाइल नंबर से फोन आया। जिसने खुद को आरबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके एटीएम कार्ड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधि में हुआ है।
इससे आतंकियों के लिए एक करोड़ रुपये के हथियार खरीदे गए हैं और कहा कि घर से बाहर निकले तो पुलिस उन्हें आतंकी समझकर मार देगी। वह डरकर घर में ही रहे। 13 अगस्त को फिर फोन आया।
साइबर ठगों ने 20 लाख रुपये मांगे, उन्होंने बताया कि इसके लिए बैंक जाना पड़ेगा, तब उन्हें साइबरों से बाहर निकलने की अनुमति दी, फिर 14 अगस्त को दारोगा बैंक पहुंचे और पेंशन की जमा रकम में से 16 लाख रुपये दो खातों में ट्रांसफर किए।
इसके बाद वह चार लाख और ट्रांसफर करने वाले थे लेकिन इसी दौरान बैंक के कैशियर ने उनसे सवाल करने शुरू किए और उन्हें बताया कि पहले दो खातों में जो धनराशि जमा की है, वे बैंक खाता संदिग्ध हो सकते हैं। बैंक कर्मियों को पूरी कहानी बताई।
तब साइबर ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। 18 अगस्त को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लेनदेन खंगालने पर छह लाख रुपये ग्वालियर निवासी प्रिंस कुमार के खाते में मिले।
पुलिस उसे ग्वालियर से संभल लाई। जिसने बताया कि उसने नेक्स्ट जेन फाइनेंस की वेबसाइट से 50 लाख से एक करोड़ रुपये के लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। छह लाख रुपये को उसने लोन की रकम समझा था।
इस दौरान छह लाख रुपये वापस लेने के लिए उसे भी ठगों ने धमकाया तो उसने पुलिस को सूचना देकर खाता होल्ड करा दिया। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अब पुलिस ने छह लाख रुपये नरेंद्र कुमार को वापस करा दिए।
जबकि पुणे के खाते को प्रेषित 10 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं, जिसकी जांच जारी है। पुलिस को ठगों के मोबाइल नंबर भी मिले हैं। दारोगा अपनी पत्नी के साथ मकान में रहते हैं जबकि उनका बेटा नोएडा में रहकर निजी कंपनी में जाॅब करता है।
