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पत्नी की शिकायत कर गायब हुए नायब तहसीलदार, स्विच ऑफ बता रहा मोबाइल, मियां-बीवी के झगड़े ने किया नाक में दम

पत्नी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने वाले नायब तहसीलदार बिना अवकाश के ही मोबाइल स्विच ऑफ कर अज्ञात स्थान पर रह रहे हैं। यही नहीं उनके पिता एवं भाई के नंबर भी बंद चल रहे हैं। वहीं पत्नी पति की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देने के साथ ही एसडीएम से भी अनुरोध कर चुकी हैं लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई है।

By Jagran News Edited By: Shivam Yadav Wed, 12 Jun 2024 08:40 PM (IST)
पत्नी की शिकायत कर गायब हुए नायब तहसीलदार, स्विच ऑफ बता रहा मोबाइल, मियां-बीवी के झगड़े ने किया नाक में दम
पत्नी की शिकायत कर गायब हुए नायब तहसीलदार।

जागरण संवाददाता, चंदौसी। पत्नी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने वाले नायब तहसीलदार बिना अवकाश के ही मोबाइल स्विच ऑफ कर अज्ञात स्थान पर रह रहे हैं। यही नहीं उनके पिता एवं भाई के नंबर भी बंद चल रहे हैं। 

वहीं, पत्नी आवंटित सरकारी आवास में ही रह रही हैं और पति की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देने के साथ ही एसडीएम से भी अनुरोध कर चुकी हैं, लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई है। 

पुलिस भी आपसी विवाद मानकर दोनों के बीच समझौते का प्रयास कर रही है। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इधर नायब तहसीलदार के करीब एक सप्ताह से कार्यालय में न बैठने के कारण वादकारी परेशान हैं।

यह है मामला

मूल रूप से हाथरस की सादाबाद तहसील क्षेत्र के रहने वाले नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की तैनाती संभल तहसील में थी। चंदौसी में तैनाती के दौरान बीते वर्ष दो दिसंबर को उनकी शादी नई दिल्ली की तिमारपुर निवासी विशु के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से दोनों के बीच किसी न किसी बात को अक्सर कहासुनी हो जाती थी। 

नायब तहसीलदार की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि उनकी पत्नी ने बीती 25 मई को जब वह तहसील से लौटे तो पत्नी विशु ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके हाथ व माथे पर चोट आई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी की मनमानी पर रोक लगाने का प्रयास किया तो उन्हें व परिवार के लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। तहरीर के आधार पर कोतवाली में विशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।

घर से निकलने के बाद गायब हुए नायब तहसीलदार

अहम बात जो सामने आई है वह यह है कि जिस समय 25 मई को पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था, उस समय दीपक कुमार के पिता राजकुमार भी घर में मौजूद थे। झगड़े के बाद ही ड्राइवर को बुलाकर दोनों पिता पुत्र गाड़ी से चले गए। इसके बाद घर नहीं आए। पत्नी विशु ने उनके पैतृक आवास पर भी पता किया, लेकिन वह वहां भी नहीं थे। 

घर से निकलने के बाद दीपक कुमार एवं उनके पिता ने अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए जो अभी तक बंद आ रहे हैं। अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से अंजान विशु ने कोतवाली पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी तब उन्हें मुकदमा दर्ज होने के बारे में जानकारी हुई। 

हालांकि, शहर कोतवाल और एसडीएम नीतू रानी से भी गुमशुदगी दर्ज कराने का अनुरोध विशु ने किया, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। अभी भी विशु दीपक कुमार के नाम आवंटित सराकरी आवास में रह रहीं हैं। 

दोनों के बीच समझौता कराना चाहते हैं अधिकारी

शहर कोतवाल का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद है। दोनों के बीच समझौता हो जाए ऐसा अधिकारी भी चाहते हैं, इसलिए कोई आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। 

इधर एसडीएम नीतू रानी का कहना है कि नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ने चार जून को मतगणना में भी डयूटी की थी और एक दिन और कार्यालय में आए थे। उन्होंने कोई अवकाश तो नहीं लिया है, लेकिन फोन पर सूचना दी थी कि स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

शादी में नायब को मिली थी इनोवा गाड़ी

नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की शादी दिल्ली की विशु के साथ हुई थी। विशु के पिता दिल्ली पुलिस में अधिकारी हैं। शादी में दीपक कुमार को इनोवा गाड़ी भी मिली थी। खास बात जो सामने आई है, उसमें यह है कि शादी से पहले ही विशु और दीपक के बीच प्रेम संबंध थे, और दोनों लिव इन में भी रहे थे। 

दीपक ने यहां अपने आवास पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवा रखे हैं। सूत्रों के अनुसार, जिस दिन 25 मई को घटना हुई थी, वह भी सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है। इस फुटेज को प्रमाण के तौर विशु ने अपने पास रख लिया। दावा है कि यह फुटेज साबित कर देगी कि दीपक कुमार के साथ पत्नी ने मारपीट नहीं की है।