- भाजपा ने जारी कर दिया सम्भल की सभी सीटों पर प्रत्याशी, , सम्भल-असमोली में बदले चेहरे

-क्षेत्र के हिसाब से जाति बहुलता के आधार पर बांटे टिकट, जिस जाति का कटा उससे ही दूसरे को दिया

सम्भल से राजेश सिघल, असमोली के हरेंद्र सिंह, चन्दौसी से गुलाब देवी और गुन्नौर से अजीत को कमल

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जागरण संवाददाता, सम्भल : दूसरे चरण में शामिल सम्भल जनपद की चारों सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए। सन् 2017 के चुनाव में दो सीटों पर काबिज रही भाजपा ने इन सीटों पर अपने विधायकों पर ही भरोसा जताया है। शेष दो सीटों पर चेहरे बदल दिए गए हैं। टिकट फाइनल होने के साथ ही सम्भल भाजपा का चुनावी तापमान बढ़ गया है। अब सभी की नजरें समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों की तरफ है। भाजपा ने शनिवार को मकर संक्रांति के साथ ही पहले व दूसरे चरण के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी। सम्भल में सभी चार सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। सम्भल की चन्दौसी सीट भाजपा के लिए काफी मुफीद मानी जाती है। पार्टी ने यहां से प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री गुलाब देवी पर ही दुबारा भरोसा किया है। गुन्नौर सीट भी भाजपा के पास थी। यहां पहली बार अजीत कुमार राजू ने 2017 में कमल खिला दिया। भाजपा ने दुबारा इन पर भरोसा किया है।

सम्भल सीट पर 25 साल से लगातार सपा काबिज है। इस सीट पर पार्टी ने क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिघल को प्रत्याशी बनाया है। यहां पार्टी ने चेहरा बदला है। पिछली बार डा. अरविद गुप्ता उम्मीदवार थे। राजेश सिघल इसके पहले 2007 व 2012 में भी भाजपा से चुनाव लड़े और दूसरे नंबर पर थे। गुलाब देवी खुश

शाम को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में राज्यमंत्री गुलाब देवी ने टिकट मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन पर भरोसा किया है। सम्भल में राजेश सिघल व असमोली में हरेंद्र समर्थकों ने मिठाइयां भी बांटी। गुन्नौर में विधायक अजीत राजू के आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। असमोली में जाट पर ही दाव

भाजपा के लिए जाट समुदाय इस बार बहुत अहम हो गया है। असमोली की सीट पिछली बार की ही तरह इस बार भी जाट समुदाय को टिकट दिया है। यहां से जिला पंचायत के पूर्व सदस्य हरेंद्र सिंह रिकू को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा दूसरे जबकि बसपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर था।

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टिकट वितरण : 2017 का फार्मूला ही जारी

सम्भल : पिछली बार भाजपा ने जिले की चार सीटों में एक पर यादव, दूसरे जाट और तीसरे पर वैश्य समुदाय को टिकट दिया था जबकि चन्दौसी आरक्षित सीट है। इस बार भी इसी तर्ज पर टिकट दिए हैं। बस अंतर इतना है कि दो टिकट कटे हैं लेकिन वह टिकट उसी जाति के दावेदार को मिले हैं।

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टिकट न मिलने अंदर खाने कई दावेदार बनाने लगे गुणा-गणित

जासं, सम्भल : असमोली सीट से हरेंद्र सिंह के साथ ही अवधेश यादव, पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव सहित अन्य भी दावेदार थे और सबको अपना टिकट पक्का लग रहा है। अपने एफबी वाल पर किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश यादव लिखते हैं कि 30 साल तक निस्वार्थ भाजपा की सेवा का ऐसा प्रतिफल मिला कि सी श्रेणी की सीट के प्रत्याशी लायक भी नहीं समझा। हालांकि यहां के अन्य दावेदार भी गोपनीय तौर पर अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।

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चन्दौसी में भी अंदरखाने चल रही खींचतान

सम्भल : चन्दौसी में राज्यमंत्री के अलावा कई अन्य भाजपा टिकट के दावेदार थे। इन लोगों ने स्थानीय स्तर पर पूरी रणनीति भी बनाई थी। जैसे ही सीटिग एमएलए को टिकट हुआ इनमें निराशा छा गई। अब इनकी भी रणनीति गोपनीय तौर पर शुरू हो चुकी है। इस विरोध के स्वर को थामना तथा सबको एक सूत्र में पिरोना भाजपा के लिए चुनौती के रूप मे सामने आएगा।

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Edited By: Jagran