46 लाख के 249 खोए मोबाइल वापस मिले; CEIR पोर्टल से पुलिस खोज निकालेगी आपका फोन
पुलिस ने सीईआइआर पोर्टल की मदद से 46 लाख रुपये के 249 गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों ...और पढ़ें

पुलिस लाइन में मोबाइल प्राप्त करने के बाद एसपी के साथ उपस्थित मोबाइल स्वामी। सौ. पुलिस
HighLights
सीईआईआर पोर्टल की मदद से साइबर सेल और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने खोजे मोबाइल, पुलिस लाइन में एसपी ने किया वितरण
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। पुलिस ने गुम, चोरी और लूटे गए करीब 46 लाख रुपये कीमत के 249 मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप दिए। पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने लाभार्थियों को उनके मोबाइल वितरित किए।
मोबाइलों की बरामदगी में सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर सेल पुलिस के साथ अलग-अलग स्थानों पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों ने पोर्टल पर दर्ज मोबाइलों के आईएमईआई नंबर से संबंधित सूचनाओं का विश्लेषण कर उन्हें खोजने में सहयोग किया।
पुलिस के अनुसार मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद शिकायत सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज होने से उसके आईएमईआई नंबर को दूरसंचार नेटवर्क पर चिह्नित और ब्लाॅक किया जा सकता है। पोर्टल विभिन्न मोबाइल नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी साझा करता है।
जिससे पुलिस को मोबाइल के दोबारा किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल होने की स्थिति में उसे तलाशने में मदद मिलती है। इसके बाद पुलिस टीम संबंधित स्थानों से मोबाइल बरामद कर वास्तविक स्वामियों का सत्यापन करने के बाद उन्हें सौंपती है।
आप जानिए - मोबाइल खोया तो सीईआइआर पोर्टल कैसे बनेगा मददगार
मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर आम नागरिक सीईआइआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से उसे ब्लाक कराने के साथ पुलिस की मदद से तलाश करा सकता है। दूरसंचार विभाग के इस केंद्रीय पोर्टल पर मोबाइल की पहचान उसके 15 अंकों के आईएमईआई नंबर से होती है।
मोबाइल खोने पर पहले पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और खोए नंबर की नई सिम प्राप्त करनी चाहिए। इसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर चोरी या गुम मोबाइल को ब्लाॅक करने के विकल्प पर मोबाइल नंबर, आईएमईआई, पुलिस शिकायत और पहचान संबंधी दस्तावेज की जानकारी देकर आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन के बाद मिलने वाली अनुरोध संख्या से स्थिति देखी जा सकती है। सफल आवेदन के बाद आईएमईआई को 24 घंटे के भीतर ब्लाक किया जा सकता है और मोबाइल भारत के किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
खास बात यह है कि आईएमईआई ब्लाॅक होने के बाद भी पुलिस मोबाइल को तलाश सकती है। राज्य पुलिस भी सीधे सीईआइआर के माध्यम से मोबाइल की शिकायत दर्ज कर सकती है। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस को सूचना देकर आइएमईआइ अनब्लाक कराया जा सकता है।
