ईंट-भट्ठे पर मां का संघर्ष देख बदली किस्मत: 40kg वर्ग में बसंती ने जीता सोना, अब नेशनल की तैयारी
ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाली मां की बेटी बसंती ने प्रादेशिक विद्यालयीय कुराश प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। अब ...और पढ़ें

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मनमोहन वार्ष्णेय, बहजोई (संभल)। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, हौसले और मेहनत के आगे मंजिल दूर नहीं रहती। ग्राम मिर्जापुर निवासी और हीरा देवी तोताराम कन्या इंटर कालेज, बहजोई की कक्षा नौ की छात्रा बसंती ने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर इसे साबित कर दिखाया है।
ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाली मां की बेटी ने प्रादेशिक विद्यालयीय कुराश प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ परिवार, बल्कि क्षेत्र का भी मान बढ़ाया है। अब उसका चयन उत्तर प्रदेश की टीम में हुआ है और वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही है।
बसंती के पिता भूप सिंह का निधन हो चुका है। मां सावित्री देवी ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई और उसके खेल के जुनून को थमने नहीं दिया। मां के संघर्ष को प्रेरणा मानकर बसंती ने एसबीएम जूडो अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया और नियमित अभ्यास जारी रखा।
कोच एकांश गुप्ता ने बताया कि 19 सितंबर 2026 को आयोजित प्रादेशिक विद्यालयीय कुराश प्रतियोगिता के 40 किलोग्राम भार वर्ग में बसंती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
मां सावित्री देवी कहती हैं कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। पति के निधन के बाद बेटी ने कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत जारी रखी। उन्हें गर्व है कि बेटी ने स्वर्ण पदक जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है।
उनकी इच्छा है कि बेटी आगे चलकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करे। बसंती का कहना है कि परिस्थितियां कठिन जरूर हैं, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। मां ने उसके लिए बहुत मेहनत की है। वह आगे भी पूरी मेहनत कर राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना चाहती है।
बसंती मेहनती, अनुशासित और प्रतिभावान खिलाड़ी है। आर्थिक परिस्थितियां उसके सामने चुनौती जरूर रहीं, लेकिन उसने उन्हें कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उत्तर प्रदेश की टीम में उसका चयन उसकी मेहनत का परिणाम है। उसे बेहतर प्रशिक्षण और हरसंभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वह राष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर सके।
- एकांश गुप्ता, कोच।
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