अमसोली (सम्भल) : विकास खंड असमोली के गांव खासपुर में श्रीराम लीला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बालि वध का मंचन किया गया। जब रामचन्द्र जी सीता माता की खोज में वन में भ्रमण कर रहे थे तभी उनका मिलाप हनुमान जी से हुआ। हनुमान जी श्रीराम को सुग्रीव के पास ले गए। जहां उन्होंने अपनी पूरी बात बताई। सुग्रीव ने कहा कि मेरा भाई बालि मुझे मारना चाहता है इसलिए हम लोग इस गुफा में रहते हैं। इस गुफा में बालि नहीं आता है। उसके बाद भगवान राम सुग्रीव से कहते हैं आप बालि से युद्ध करों। मैं उसे युद्ध करते समय मार दूंगा। सुग्रीव बोले- नहीं प्रभु, मेरे जाते ही वह मुझे मार देगा क्योंकि, बालि के सामने जो जाता है उसका आधा बल उसको मिल जाता हैं। श्रीराम के कहने पर सुग्रीव ने बालि को ललकारा तो क्रोधित बालि सुग्रीव से युद्ध करने लगा। युद्ध में बालि ने सुग्रीव को हरा दिया। सुग्रीव जान बचाकर वहां से भाग आया। इस पर राम ने कहा कि दोनों भाइयों का चेहरा एक से होने के कारण मैं बाण नहीं चला सका। अब तुम मेरी यह माला पहन कर जाओ। सुग्रीव ने बालि को दोबारा ललकारा। इस बार प्रभु राम ने छिपकर बाण चलाया और बालि ने अपने प्राण त्याग दिए। इस दौरान रमेश सिंह, कल्लू सिंह, प्रमोद सिंह, संजीव कुमार, अकुंर, किशन लाल, राकेश सिंह, पंकज सिंह, वेदपाल सिंह, सुमित, संतोष सिंह, गुरूपाल सिंह आदि मौजूद रहें।

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