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बरेली के इंस्पेक्टर, पत्नी और बेटे पर जमीन धोखाधड़ी का केस, अधिक भूमि बेचकर रची साजिश, FIR दर्ज

Published: Mon, 10 Aug 2026 08:24 PM (IST)

कैलादेवी क्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी के आरोप में बरेली के एक इंस्पेक्टर, उनकी पत्नी और बेटे पर FIR दर्ज की ...और पढ़ें

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  1. एसपी के आदेश पर कैलादेवी थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी, सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

संवाद सूत्र, सौंधन (संभल)। कैलादेवी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि से अधिक जमीन धोखाधड़ी से बेचने और प्लाट पर निर्माण करने के मामले में बरेली के पुलिस इंस्पेक्टर, उसकी पत्नी और बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर को पक्ष रखने के लिए बुलाया जा रहा मगर, वह अभी तक नहीं आए हैं।

गांव कमालपुर खानुपुरा निवासी सुभाष ने 15 जुलाई को एसपी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सतीश कुमार यादव वर्तमान में बरेली में इंस्पेक्टर हैं। आरोप है कि सतीश कुमार यादव, उनकी पत्नी ममता यादव और बेटे विवेक यादव ने अपनी उपलब्ध भूमि से अधिक जमीन को धोखाधड़ी कर विभिन्न लोगों को बेच दिया।

इसके एवज में उनसे धनराशि भी प्राप्त की गई। आरोप लगाया कि जब वह अपने प्लाट पर चहारदीवारी कराने के लिए पहुंचा तो आरोपितों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मामले की जांच सीओ कुलदीप सिंह को सौंपी थी।

सीओ ने प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट पांच अगस्त को एसपी को प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने सात अगस्त को कैलादेवी थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोशन सिंह को सौंपी है।

सीओ ने बताया कि इंस्पेक्टर सतीश कुमार यादव, उनकी पत्नी ममता यादव और बेटे विवेक यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि जमीन विवाद की शिकायत की जांच सीओ कुलदीप सिंह ने करीब 20 दिन तक की।

इस दौरान आरोपित इंस्पेक्टर को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने के लिए तीन नोटिस जारी किए गए। नोटिस उनके घर के पते के साथ बरेली स्थित तैनाती स्थल पर भी भेजे गए। फोन और वाट्सऐप के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन इंस्पेक्टर जांच के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए।

निर्माण रोकने के बाद उसी दिन बेटे के नाम कर दिया प्लाट

पीड़ित सुभाष ने बताया कि दो जून को वह अपने प्लाट पर निर्माण कराने पहुंचा था। आरोप है कि इंस्पेक्टर सतीश कुमार यादव और उसके परिवार के लोगों ने निर्माण कार्य रोक दिया तथा उसके साथ विवाद किया।

पीड़ित का आरोप है कि इसी दिन उस प्लाट को इंस्पेक्टर की पत्नी ममता यादव ने अपने बेटे विवेक यादव के नाम दानपत्र के माध्यम से कर दिया। दानपत्र में इंस्पेक्टर सतीश कुमार यादव के स्वयं गवाह बनने की बात भी सामने आई है।

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