6 मौतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन: बहजोई में 3 की जगह 10 सवारियां ढो रहे ऑटो, ट्रैफिक बूथ के सामने डग्गामारी
6 मौतों के बावजूद बहजोई में ऑटो-टेंपो क्षमता से तीन गुनी सवारियां ढो रहे हैं, ट्रैफिक बूथ के सामने भी ...और पढ़ें

गाड़ियों में सीमित संख्या से ज्यादा बैठे लोग
HighLights
जिम्मेदारों ने बंद की आंखें, नहीं दिखा कार्रवाई की कवायद
हादसे के दूसरे दिन ही क्षमता से तीन गुनी सवारियां लेकर दौड़े आटो-टेंपो
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। छह लोगों की जान चली गई। प्रशासनिक जांच शुरू हो गई लेकिन, सड़कों पर ओवरलोडिंग का खेल दूसरे ही दिन फिर बेखौफ नजर आया। सोमवार को जिला मुख्यालय के इस्लामनगर चौराहे पर तीन सवारियों की क्षमता वाले आटो में 10-10 सवारियां ठूंसकर ले जाते वाहन दिखाई दिए।
प्रतिबंधित मार्गों पर आटो-टेंपो और ई-रिक्शा भी धड़ल्ले से दौड़ते रहे। हैरत की बात यह है कि यातायात पुलिस चौकी के सामने से गुजरते इन वाहनों को रोकने वाला कोई नजर नहीं आया।

स्थानीय पुलिस की निगरानी और परिवहन विभाग की चेकिंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। हादसे के बाद कार्रवाई के दावे हुए, मगर अगले ही दिन सड़क पर वही पुराना खेल लौट आया।
आखिर किसके इशारे पर क्षमता से अधिक सवारियां ढोने की छूट है? किसके ‘रिमोट कंट्रोल’ से ओवरलोडिंग का सिस्टम चल रहा है? यदि चेकिंग हो रही है तो फिर प्रतिबंधित मार्गों पर ये वाहन कैसे दौड़ रहे हैं?
क्या जिम्मेदारों की नजर से यह सब छिपा है या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है? छह मौतों के बाद भी कार्रवाई न होना केवल वाहन चालकों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल है।
ट्रैफिक बूथ पर चार पुलिसकर्मी, फिर भी ओवरलोडिंग बेखौफ
बहजोई में ट्रैफिक बूथ पर चार पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। अलग-अलग समय पर ड्यूटी के हिसाब से यातायात व्यवस्था भी बदलती रहती है। लेकिन अक्सर कार्रवाई उन वाहनों पर होती दिखती है, जो बहारी कमर्शियल वाहन हैं या सामान लेकर जा रहे हैं।

यात्रियों से भरे आटो, टेंपो और अन्य वाहनों पर निगाह नहीं जाती। सामने से ओवरलोड वाहन गुजरते रहें, इससे कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आता।
बस स्टैंड पर बस नहीं, डग्गामार वाहनों का कब्जा
इस्लामनगर चौराहे पर बस स्टैंड निर्धारित होने के बावजूद रोडवेज और परमिट वाली निजी बसों को सवारियां भरने के लिए उचित स्थान नहीं मिल रहा है। बस स्टैंड ऐसे स्थान पर कर दिया गया है, जहां सवारियां पहुंचती ही नहीं।

इसका फायदा ई-रिक्शा, आटो, टेंपो और डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। ये वाहन चौराहे पर खड़े होकर धड़ल्ले से सवारियां भरते हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं।
वाहनों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस की ओर से लगातार चालान किए जा रहे हैं और वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है। ओवरलोडिंग समेत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- जागरोशन सिंह, यातायात प्रभारी, संभल।
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