9 साल बाद मिला ईशमवती को न्याय: पेट्रोल डालकर बहू को जलाने वाले पति और सास को उम्रकैद
न्यायालय ने 9 साल पुराने दहेज हत्या मामले में पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक इमेज है।
HighLights
बहजोई के गांव रफीपुर में पेट्रोल डालकर की हुई थी विवाहिता की हत्या
संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। न्यायालय ने करीब नौ साल पुराने बहुचर्चित दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषियों पर 24,500- 24,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दहेज हत्या की ये घटना साल 2017 में बहजोई थाना क्षेत्र के गांव रफीपुर में हुई।
बदायूं जिले के गांव कुआरेरा निवासी अतर सिंह ने अपनी बेटी ईशमवती की शादी साल 2011 में बहजोई के रफीपुर निवासी लेखराज के साथ की थी।
शादी के कुछ समय बाद से ही पति लेखराज और सास माला देवी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर ईशमवती को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे।
आरोप था कि पांच अगस्त 2017 की सुबह आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर ईशमवती पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उसकी गंभीर हालत में दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद मृतका के पिता अतर सिंह ने बहजोई कोतवाली में दामाद लेखराज और सास माला देवी के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीसी) में चली इस लंबी सुनवाई के दौरान एडीजीसी हरिओम प्रकाश ने प्रभावी पैरवी की और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की जोरदार मांग रखी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश गोपालजी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और पत्रावली का बारीकी से अवलोकन किया।
साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने पति लेखराज और सास माला देवी को दहेज हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 24,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
