चन्दौसी: स्व इंस्पेक्टर सत्यपाल ¨सह का पूरा परिवार हत्या और सड़क हादसों में उजड़ गया। लगातार परिवार में हो रही मौतों से किसी तरह संतोष अपने आप को संभाल रही थी, लेकिन अब उसकी व देवर की भी हत्या कर दी गई। पहले पति की बीमारी के चलते मौत हुई तो बाद सब इंस्पेक्टर बेटे भी सड़क हादसे में मौत हो गई। पति और बेटे की मौत से संतोष संभाली भी नहीं थी कि दामाद की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। अब किसी तरह अपने आप को संभाला तो हत्यारों ने उसकी व देवर और नौकरानी की हत्या कर दी। वर्ष 1982 से लेकर अब तक स्व इंस्पेक्टर सत्यपाल ¨सह के परिवार शायद ही कभी खुशी मनाई गई हो। दोनों की बेटियों की शादी में भी शायद ही इस परिवार खुशी हुई होगी। क्योंकि बेटियों की शादी में पिता भी शामिल नहीं हुए थे। दोनों बेटियों की शादी करने के बाद संतोष किसी तरह परिवार चला थी और बेटे संजय कुमार की पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर पर नौकरी लगी तो कुछ दिनों तक परिवार खुशी रही। मां ने भी बेटे की शादी करने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन तभी बेटे संजय कुमार की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। बेटे की मौत से परिवार अभी संभला भी नहीं था कि बड़ी बेटी के पति की भी मौत हो गई। किसी तरह संतोष अब आकर अपना मकान बनाया और एक माह पहले उसमें शिफ्ट हो गई। घर में अन्य कोई सदस्य न होने के चलते वह देवर केसर को अपने पास रखती थी। अब उसे क्या पता था कि हत्यारे अब भी उसे नहीं छोड़ेंगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही कि अब संतोष व देवर व नौकरानी की हत्या कर पूरा परिवार ही उजाड़ दिया गया।

पुलिस को घर से बाहर मिला जूता

चन्दौसी: तीन हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब मामले की जांच करनी शुरू की तो घर के बाहर पुलिस को नाली के अंदर एक जूता मिला। देखने के बाद लग रहा हैं कि जूता हत्यारों है और जाते समय किसी के पैर से जूता निकलकर नाली में गिर गया। पुलिस ने जूते को भी कब्जे में कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने पूरे मकान की तलाशी ली। हत्यारे घर के अंदर कैसे पहुंचे इस मामले की भी जांच करने में पुलिस जुटी हुई है।

डीजे के शोर में नहीं सुन सकें पड़ोसी आवाज

चन्दौसी: शहर के बीचों बीच एक घर के अंदर तीन शव दो दिन पड़े रहे। तीनों की हत्या कर दी गई और मुख्य दरवाजा भी दो दिन से खुला रहा, लेकिन इसके बाद भी पड़ोसियों को भी किसी तरह की कोई जानकारी नहीं हुई। जब पुलिस ने इस मामले की जानकारी आसपास के लोगों की तो उन्होंने बताया कि घर के बराबर में एक धर्मशाला है। यहां पर शादी के कार्यक्रम होते है। देर रात तक डीजे बजता है। उसके शोर में ही आवाज नहीं आई। शायद डीजे न बजता हुआ होता तो पड़ोसियों तक आवाज पहुंच जाती। केसर ने हत्यारों से बचने का किया प्रयास

चन्दौसी: हत्यारों ने घर के अंदर आते ही चारपाई पर लौटी पड़ी संतोष व नौकरानी की हत्या की। उन्हें तो हत्यारों ने संभलने का भी मौका नहीं दिया, लेकिन शायद जब तक हत्यारे केसर तक पहुंच पाते तब तक केसर जाग गया क्योंकि केसर ने बेचने का प्रयास किया। केसर हत्यारों से बचने के लिए कमरे से निकल गैलरी तक पहुंच गया, लेकिन हत्यारों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और गैलरी में जाकर उसकी हत्या की। शरीर पर लगभग चाकुओं से बीस वार किए गए।

संतोष और नौकरानी को नहीं दिया संभलने का मौका

चन्दौसी: हत्यारों ने महिला संतोष और नौकरानी को संभलने का मौका तक भी नहीं दिया। क्योंकि महिला संतोष चारपाई पर सीधे ही लेटी थी और उसका गला रेता हुआ था। साथ ही नौकरानी भी सीधी लैटी हुई थी। नौकरानी लगभग आधा गला काट दिया था। दोनों चारपाइयों के नीचे काफी खून पड़ा हुआ था। हालत यह थी पूरे घर में खून ही खून था।

Posted By: Jagran

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