यूपी में कहां से आई नकली सिक्कों की डाई ? तीन आरोपित पकड़े तो टूटेगा पूरा नेटवर्क
नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का राजफाश होने के बाद पुलिस अब सिक्कों की डाई तैयार करने वाले ठिकाने की ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पुलिस नकली सिक्कों की डाई तैयार करने वाले ठिकाने की जांच कर रही है।
मुख्य आरोपी उपकार लूथरा के संपर्कों और मोबाइल लोकेशन की पड़ताल जारी।
फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से नकली सिक्के नेटवर्क का खुलासा होगा।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का राजफाश होने के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस सिक्कों की डाई तैयार कराने वाले ठिकाने पर टिक गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्कों पर असली जैसी छाप उकेरने के लिए इस्तेमाल की गई डाई आखिर कहां तैयार कराई गई थी। इसके लिए आरोपितों के संपर्कों, मोबाइल लोकेशन और आपसी बातचीत की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। नगर कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम ने 12 सितंबर को पुलिस ने नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया था।
जांच के दौरान पुलिस के सामने आया था कि गिरोह के सदस्य सिक्कों को तैयार करने से लेकर उनकी फिनिशिंग और बाजार में खपाने तक की प्रक्रिया में अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे थे।
अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि मुख्य आरोपित उपकार लूथरा ने सिक्कों की डाई कहां पर तैयार करवाई थी। इसके साथ ही किसने तैयार की और इसके लिए गिरोह ने किससे संपर्क किया था।
12 सितंबर को गिरोह का पुलिस ने किया था राजफाश
पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि क्या डाई स्थानीय स्तर पर तैयार कराई गई थी या इसके लिए किसी दूसरे शहर में संपर्क किया गया। यदि डाई तैयार कराने वाले व्यक्ति या स्थान का पता चलता है तो जांच में गिरोह के नेटवर्क की एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आ सकती है। पुलिस इस दिशा में पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
तीन आरोपित अब भी फरार
उधर, मामले में नाम सामने आए तीन आरोपित अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उनके मोबाइल नंबरों और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाकर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
लोकेशन और संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद डाई तैयार कराने और नकली सिक्कों के पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज खुल सकते हैं। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी डाई तैयार कराई थीं और इनके जरिए कितने सिक्के बनाए गए। साथ ही डाई बनाने में इस्तेमाल सामग्री और तकनीक की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नकली सिक्कों के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
