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17 करोड़ के नकली नोटों के बाद नकली सिक्कों ने बढ़ाई UP पुलि‍स की चिंता, इस मामले में अब NIA की एंट्री के आसार

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 16 Sep 2026 06:12 AM (IST)

Saharanpur News: नकली नोटों की जांच के बीच सहारनपुर में नकली सिक्कों की बरामदगी ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी ...और पढ़ें

आरोपितों से बरामद अधबने सिक्के। जागरण

आरोपितों से बरामद अधबने सिक्के। जागरण

HighLights

  1. नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी सहारनपुर पुलिस।

  2. एनआइए की टीम जिले में ही रहकर नकली नोटों की जांच कर रही

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली नोटों के मामले की जांच के बीच सामने आए नकली सिक्कों ने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है। अब जांच का दायरा केवल नकली नोटों तक सीमित नहीं रहने वाला है।

नकली सिक्कों के पीछे सक्रिय नेटवर्क, उनके निर्माण, सप्लाई और खपत के संभावित ठिकानों की पड़ताल शुरू होने के साथ ही इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एंट्री की संभावना भी बढ़ गई है।

एनआइए की टीम जिले में ही रहकर नकली नोटों की जांच कर रही है पुलिस इस पूरे मामले को सामान्य धोखाधड़ी के बजाय संगठित नकली मुद्रा के नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। इसी के साथ नकली नोटों के मामले से जुड़े संदिग्धों और नकली सिक्कों के नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल हो रही है।

घंटाघर के सोफिया मार्केट में स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी का मामला पहले से ही जिले में गरमाया हुआ है। इस मामले में एनआइए की टीम जांच कर रही है। वहीं दो दिन पहले नगर कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम ने एक लाख 27 हजार के 20 रुपये के नकली सिक्के पकड़े थे। इसके साथ ही साढ़े चार लाख रुपये के अधबने सिक्के भी पकड़े थे।

नकली सिक्कों के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन गिरोह के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नकली सिक्कों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल हो रहा है तो इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है या अलग-अलग स्तर पर इनकी सप्लाई की जा रही है।

पुलिस नकली नोटों के मामलों से जुड़े संदिग्धों और नकली सिक्कों के नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। नकली सिक्कों को बाजार में खपाना नकली नोटों की तुलना में कई मामलों में आसान माना जाता है।
छोटे मूल्य के सिक्कों की बड़ी संख्या में आवाजाही होने के कारण आम लेनदेन में उनकी बारीकी से जांच नहीं हो पाती। यही वजह है कि पुलिस इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।