नानौता (सहारनपुर) : क्षेत्र के गांव बुंदूगढ़ में आयोजित सालाना जलसे में उलमा ने कहा कि मुसलमान के पिछड़ेपन की वजह कुरान करीम की तालीम से महरूम होना है। इस अवसर पर कुरान हिफ्ज कर हाफिज बनने वाले तालिब इल्म 15 वर्षीय शाहनूर की दस्तारबंदी भी की गई।

शनिवार की रात्रि में गांव बुंदूगढ़ के मदरसा दारुल उलूम इमदादिया कासिमया एजुकेशन सोसायटी में आयोजित जलसे में मेरठ से आए शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने कहा कि हमें इस्लामी तालीम को अपने जीवन में उतारना चाहिए। अपने बच्चों को संस्कारी बनाना और घरों में दीनी माहौल पैदा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मदरसा के प्रबंधक मौलवी फुरकान खान ने छात्रों से अपनी तालीम और अखलाक के बूते इस्लाम की सही तस्वीर दुनिया के सामने पेश करने का आह्वान किया। इस्लामी जगत में शोहरत हासिल करने वाले गांव कूटेसरा निवासी कारी एहसान मोहसिन द्वारा पढ़ाई गई नाअत सुनकर उपस्थित लोग झूम उठे। दौलतपुर से आए मौलाना मोहम्मद मुशर्रफ, मौलाना महफूज उर रहमान आदि उलमाओ द्वारा दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने पर भी जोर दिया। कैराना मदरसा के कारी मोहम्मद साजिद खान की तिलावत के साथ शुरू हुए जलसे में मौलवी मोहम्मद हामिद हसन, कारी आस मोहम्मद, हाजी मोहम्मद इस्लाम अंसारी, हाजी मोहम्मद जुनैद, हाफिज अनीस अंसारी, हाफिज मसूद अहमद, पूर्व प्रधान शाहनवाज अख्तर अब्बी, फिरासत खान, सहित दूर-दराज से आए सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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