सहारनपुर जेएनएन। अब यूपी की जनता मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक से डरती नहीं है। वह जागरूक हो चुकी है। लोग अब गाड़ी के कागजात अपने पास रखकर सिर पर हेलमेट लगाते हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर जुर्माने का कोई मौका भी नहीं देते। जनता समझ चुकी है, यह कानून वाहन चालकों को राहत देकर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए ही बनाया गया है। उप्र सरकार के परिवहन मंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया ने दैनिक जागरण के सहारनपुर कार्यालय पहुंचकर यह बात कही। इस दौरान दैनिक जागरण संवाददाता अश्वनी त्रिपाठी ने उनसे विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं, बातचीत के प्रमुख अंश।

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सवाल- परिवहन मंत्रालय की आगामी योजनाएं क्या हैं ?

जवाब- परिवहन मंत्रालय डीएल और आरसी को ऑनलाइन उपलब्ध कराने जा रहा है। विभाग की अन्य प्रक्रियाओं को भी डिजिटल किया जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा पारदर्शिता, सुगम परिवहन हमारा लक्ष्य है। इसे केंद्रित कर कई योजनाएं बनाई गईं हैं। इन पर कार्य चल रहा है।

सवाल- सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को गुणवत्तापरक बनाने के लिए आपकी क्या योजनाएं हैं?

जवाब-सर्वप्रथम डग्गामारी और ओवरलोडिग को रोकने की मुहिम छेड़ी गई है, ताकि सड़क पर हादसों को रोका जा सके। वहीं, रोडवेज बसों के बेड़े का विस्तार करने पर कार्य चल रहा है। अंतिम गांव तक उप्र परिवहन की बस पहुंचे, यही हमारा लक्ष्य है।

सवाल- ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विकास और बस अड्डों के निर्माण की क्या योजना है?

-पीपीपी मॉडल से नए बस अड़्डों के निर्माण की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। प्रथम चरण में हम 25 ऐसे बस अड्डों का निर्माण कर रहे हैं, जो कि लखनऊ के आलम बाग बस अड्डे की तरह खूबसूरत और सुविधाजनक होंगे।

सवाल- उप्र परिवहन निगम की बसें प्राइवेट बसों से तुलनात्मक तौर पर पीछे हैं, एसी बसों के विस्तार की क्या योजना?

जवाब-एसी बसों का बेड़ा बढाया जा रहा है। सहारनपुर समेत लगभग सभी बड़े जिलों से लखनऊ और दिल्ली के लिए जनरल एसी बसें चलने लगी हैं, इनके स्टापेज आसपास के सभी जिलों में हैं। इससे इन जनपदों को भी लाभ मिल रहा है।

प्रश्न- मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 अब कानून बन गया है। राज्यों को क्यों लगता था कि नए मोटर वाहन कानून से उनका अधिकार छिन जाएगा?

जवाब- उप्र सरकार कभी भी मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 को कानून बनाने के खिलाफ नहीं रही, हमारा लक्ष्य प्रारंभ से ही सड़क पर सुरक्षित सफर रहा है, इसके लिए इस कानून को लागू करना आवश्यक था, शुरूआत में कुछ भ्रांतियां रहीं, लेकिन अब जनता जागरूक हो गई है, वह जुर्माना देने के बजाय ,खुद ही यातायात नियमों का पालन कर रही है।

प्रश्न- नए मोटर वाहन कानून में जुर्माने में भारी बढ़ोतरी की गई है। इससे ट्रैफिक पुलिस की मनमानी नहीं बढ़ जाएगी?

जवाब- जनता समझदार है। वह किसी की मनमानी का शिकार नहीं हो सकती। वह खुद ही नियमों का पालन कर रही है और सुरक्षित सफर भी।

प्रश्न- इंटेलीजेंस ट्रैफिक सिस्टम की बात की जा रही है, यह सूबे में कैसे लागू होगा?

जवाब- प्रश्न- इंटेलीजेंस ट्रैफिक सिस्टम लागू करना परिवहन मंत्रालय की प्राथमिकता में है। इससे नियमों का पालन करा पाना काफी आसान हो जाएगा। यह सिस्टम अमल में आने के बाद सब कुछ इलेक्ट्रानिक विजिलेंस की नजर में होगा।

प्रश्न-यूपी में सार्वजनिक परिवहन की स्थिति बेहतर नहीं है। इसमें सुधार के लिए क्या कदम उठाने जा रहे हैं।

जवाब- सार्वजनिक परिवहन को दुरुस्त करने के लिए मंत्रालय कार्य कर रहा है। आधुनिकीकरण पर हमारा जोर है। अच्छी बसों की खरीद तथा नए रूटों का निर्माण किया जा रहा है।

प्रश्न-व‌र्ल्ड बैंक के सहयोग से और यूके, कनाडा, यूएसए, सिगापुर के कानून का अध्यन करके नया मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 कानून बनाया गया, इसे यूपी जैसे राज्य में लागू करा पाना कितना व्यवहारिक है।

जवाब- उप्र की सड़कें पहले की सरकारों में खराब हुआ करती थीं, भाजपा सरकार ने सड़कों के निर्माण तथा मरम्मत पर रिकार्ड कार्य किया है, इसका नतीजा यह है कि सड़क हादसों में कमी आई है, नियमों के पालन से भी यह आंकड़ा और नीचे गिरा है। अब इस कानून के पालन में कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

सवाल- नियम तोड़ने पर वीआइपी या नेता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी?

जवाब- नियम कानून सबके लिए समान हैं। नेता हो या वीआइपी अगर नियमों का पालन नहीं करेगा तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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